अरावली
रिपोर्ट-हितेंद्र पटेल
निकोल अहमदाबाद से दो आरोपी गिरफ्तार, रु. 1.80 करोड़ से अधिक की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा – साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अरावली-मोडासा को बड़ी सफलता, एनसीसीआरपी सिंक पोर्टल डेटा के साथ म्यूल खाता गिरोह का पर्दाफाश
अरावली जिले के मोडासा, साइबर अपराध पुलिस स्टेशन ने एनसीसीआरपी समन्वय पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर म्यूल खाते के माध्यम से चलाए जा रहे एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरोह ने विभिन्न म्यूल खाताधारकों को लालच दिया और बिचौलियों के माध्यम से उनके बैंक खाते से कुल रु. प्राप्त कर लिए। साइबर फ्रॉड के जरिए 1,80,44,763/- की रकम ट्रांसफर की गई है. यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव (गांधीनगर रेंज), पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह जाडेजा (अरावली) और पुलिस उपाधीक्षक जे.डी. वाघेला (मोडासा डिवीजन) के मार्गदर्शन में की गई. एनसीसीआरपी 14सी पोर्टल एवं समन्वय पोर्टल से अखिल भारतीय साइबर शिकायतों के विश्लेषण के दौरान गुजरात राज्य को हस्तांतरित संदिग्ध धन की जांच की गई। इसी बीच भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते में रुपये जमा हो गए। 2000/- का प्रथम स्तर का लेनदेन सामने आया, जो म्यूल अकाउंट निकला। जांच के दौरान पता चला कि खाताधारक कमलेशभाई बेचारभाई खराड़ी (शेष रिंटोडा, जिला भिलोडा, जी. अरवल्ली) ने यह खाता सुभाष जैन नाम के व्यक्ति को दिया था। आगे की जांच में पता चला कि सुभाष जैन नाम का व्यक्ति वास्तव में मौजूद नहीं है, बल्कि यह दिनेश हरिराम माली द्वारा बनाई गई एक झूठी पहचान है। 01/02/2026 को साइबर क्राइम पुलिस की एक टीम ने बी-50/02, महेशनगर सोसायटी, निकोल, अहमदाबाद में छापेमारी की। घर की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां मिलीं.
जब्त सामान :- डुप्लीकेट आधार कार्ड – 3, पैन कार्ड – 1, एटीएम कार्ड – 18, मोबाइल फोन – 31, सिम कार्ड – 4, चेकबुक – 21, पासबुक – 1, लैपटॉप (डेल) – 1, प्रिंटर – 1, पी.ओ.एस मशीन – 1, रुपया गिनने की मशीन – 1, जियो एयर फाइबर – 1, सिल्वर बिस्कुट। (100 ग्राम और 50 ग्राम) – 2, भारतीय मुद्रा नोट – 4977, कुल निर्गम मूल्य: रु. 24,95,005/-
इस मामले में आरोपी
(1)सुभाष जैन उर्फ दिनेश हरिराम माली
(2)महेंद्रभाई मल्लाराम देवासी
(मूल निवास सांचौर, जिला झालोर, राजस्थान, वर्तमान निवास निकोल, अहमदाबाद) पर त्वरित कार्रवाई कर कानूनी कार्रवाई की गई है। आरोपियों से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच चल रही है, जिसमें साइबर ठगी का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है. आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए 7 दिनों की रिमांड पर लिया गया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अरावली-मोडासा का यह ऑपरेशन साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक अच्छा उदाहरण है।







