तारीख 10.03.2026
वात्सल्य समाचार
अजय सांसी दाहोद
दाहोद में त्योहार का मौका खूनी हो गया। दाहोद के चिलाकोटा गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक पवित्र सामाजिक कार्यक्रम में मेहमान बनकर आए एक परिवार पर स्थानीय दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। सिर्फ एक ‘कुर्सी’ मांगने की मामूली बात पर मामला इतना गरमा गया कि तलवारें और खंजर निकल आए! यह घटना 8 मार्च, 2026 की है। चिलाकोटा में वैशालीबेन मेहुलभाई मेड़ा के घर पर चंदलाविधि और मोमेरा की खुशी का माहौल था। शिकायतकर्ता अपने पिता बाबूभाई और बहनों के साथ त्योहार में शामिल होने पहुंची थी। लेकिन किसे पता था कि यह खुशी मातम में बदल जाएगी? आरोपी नंबर-1 विनोद बचुभाई तड़वी मौके पर बैठने के लिए कुर्सी मांगने की मामूली बात पर भड़क गया। उसने बड़े बाबूभाई को ‘कहां से आए हो?’ कहकर जान से मारने की धमकी दी। जब परिवार डर के मारे वहां से निकल रहा था, तो रास्ते में अफ़रा-तफ़री मच गई। उसी रास्ते पर चिलाकोटा प्राइमरी स्कूल के पास, जहां विनोद तड़वी, महेश तड़वी और नैनेश तड़वी समेत कुछ लोगों ने जानलेवा हथियारों के साथ परिवार को घेर लिया। आरोपियों ने न सिर्फ़ उनके साथ मारपीट की, बल्कि लूटपाट भी की। शिकायत करने वाले के गले से 2 तोला सोने का मंगलसूत्र छीन लिया गया और उसकी जेब से 20,000 रुपये कैश लूट लिए गए। पिता और बहन को डंडों और गदा से इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वे लहूलुहान होकर मर गए। हमलावरों ने दामाद पर्वतभाई को भी नहीं बख्शा, जो उन्हें बचाने आए थे। गांव के एक जागरूक नागरिक ने 112 पर कॉल किया और पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर हमलावर वहां से भाग गए। घायल परिवार का अभी दाहोद के भरपोड़ा हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। परिवार का आरोप है कि आरोपी राजनीति से प्रेरित हैं और उनका क्रिमिनल हिस्ट्री रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस इन गुंडों को पकड़कर सलाखों के पीछे डालेगी? या फिर बेचारा परिवार इंसाफ के लिए लड़ता रहेगा? इस घटना से पूरे इलाके में हंगामा मच गया है। पीड़ित परिवार ने हाई लेवल पर शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। और खबर लिखे जाने तक पता चला है कि इस मामले में शिकायत दर्ज की जा रही है।








