तारीख 10/03/2026
साजिद वाघेला कलोल
रमज़ान के पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय में रोज़े और इबादत का खास महत्व है। चिलचिलाती गर्मी और लंबे दिनों के बावजूद, छोटे बच्चे भी आस्था और उत्साह के साथ रोज़ा रखते हुए देखे जाते हैं। ऐसा ही एक मामला कलोल की एशियाना सोसायटी में देखने को मिला है। आज यहां रहने वाले राठौड़ इरफानभाई के 8 साल के बेटे ने अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा बड़े उत्साह के साथ रखा और पूरी दुनिया में शांति और सुरक्षा की दुआ मांगी। इतनी कम उम्र में भी मोहम्मद इजहान ने पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर पक्के इरादे से अल्लाह की इबादत की। बेटे के पहला रोज़ा सफलतापूर्वक पूरा करने पर परिवार में खुशी का माहौल देखा गया। सोसायटी के लोगों और चाहने वालों ने दुआएं करके मोहम्मद इजहान का हौसला बढ़ाया। रमजान के पवित्र दिनों में छोटे बच्चे की इस धार्मिक लगन की आस-पास के इलाके में तारीफ हो रही है।








