मालिया (मियाना): मोती बरार घटना के बाद किसान चिंतित: रमेश रबारी ने हाई वोल्टेज बिजली लाइनों से सुरक्षा की लिखित गारंटी मांगने की अपील की
मालिया तालुका के मोती बरार गांव में एक गंभीर घटना हुई, जिसमें एक बिजली का खंभा गिर गया और लंबे समय तक बिजली की सप्लाई चालू रही; इस घटना से स्थानीय किसानों में भारी रोष फैल गया है। इस घटना के बाद, किसानों की सुरक्षा का मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय बन गया है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
इस संबंध में, कांग्रेस नेता रमेश रबारी ने किसानों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि खेतों से गुजरने वाली हाई वोल्टेज बिजली लाइनें किसानों के लिए एक बड़ा खतरा हैं। जब भी सरकार या निजी कंपनियों द्वारा ऐसी लाइनें बिछाई जाती हैं, तो किसानों को पहले से ही लिखित स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
रमेश रबारी ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
जवाबदेही की निश्चितता: यह आवश्यक है कि इस बात की लिखित गारंटी हो कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा। मुआवजे का प्रावधान: यदि कोई नुकसान या जान-माल की हानि होती है, तो मुआवजे से संबंधित नियम पहले से ही स्पष्ट होने चाहिए, ताकि भविष्य में न्याय प्राप्त करना आसान हो। सुरक्षा मानक: यह अत्यंत आवश्यक है कि संबंधित अधिकारियों और कंपनियों द्वारा कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने टंकारा और मोरबी सहित पूरे गुजरात के किसानों से इस मामले के प्रति जागरूक होने और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वहां मौजूद बड़ी संख्या में किसानों ने इन सुझावों का समर्थन किया और सुरक्षा के मुद्दे पर सतर्क रहने की अपनी तत्परता दिखाई।









