देश में तेज़ शीतलहर, पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में कोहरा…

देश के ज़्यादातर हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में सूखी और कड़ाके की ठंड जारी है और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा और प्रदूषण लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत और समुद्री इलाकों में चक्रवातों के कारण बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न जेट स्ट्रीम का असर देखा जा रहा है और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण दक्षिण में हवा की हलचल सक्रिय है। दिल्ली-NCR में तापमान कम होने के कारण 5 दिनों तक कोहरे का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उसके आस-पास के ऊंचाई वाले इलाकों में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है। इसके साथ ही, एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ट्रफ के रूप में है और इन वेदर सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड की मात्रा बढ़ गई है। ट्रॉपिकल वेस्टर्न जेट स्ट्रीम भी एक्टिव है, जिसकी हवा की स्पीड 120 नॉट्स यानी करीब 223 km है। यह जेट स्ट्रीम सर्दियों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को और मज़बूत करती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि एक नया, थोड़ा हल्का वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 17 दिसंबर की रात से हिमालयी क्षेत्र में मौसम में बदलाव ला सकता है। मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे विज़िबिलिटी बहुत कम है। जिससे सड़क और रेल दोनों सर्विस में रुकावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17-20 दिसंबर के बीच उत्तर भारत में मिनिमम टेम्परेचर नॉर्मल से नीचे रहने की संभावना है। रात में ठंड बढ़ेगी, जबकि दिन में धूप निकलने से टेम्परेचर थोड़ा बढ़ सकता है।

17 और 18 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में घना कोहरा रहेगा। उत्तर प्रदेश में 17 दिसंबर को घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जबकि मध्य प्रदेश में 17 और 18 दिसंबर को घने कोहरे का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और नॉर्थईस्ट के कुछ इलाकों में भी कोहरा बढ़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंड का असर ज़्यादा दिख सकता है। हवा की रफ़्तार में बदलाव के कारण आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बढ़ने की संभावना है।

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Author: vatsalyanews

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