राष्ट्रपति ने ‘VB-जी राम जी’ बिल को मंज़ूरी दी, ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की मज़दूरी वाला रोज़गार मिलेगा

ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा कानूनी बदलाव हुआ है। विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे ‘VB-जी राम जी’ के नाम से जाना जाता है, अब ऑफिशियली कानून बन गया है। जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बिल को मंज़ूरी दी, MGNREGA की जगह एक नया कानून लागू हो गया। इस कानून के तहत, अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन की मज़दूरी वाला रोज़गार मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

संसद में गरमागरम बहस और विरोध के बीच यह बिल पास हो गया। विपक्षी पार्टियों ने MGNREGA का नाम बदलने और उससे महात्मा गांधी का नाम हटाने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि गांधीजी के नाम से जुड़ी किसी स्कीम को बदलना एक ऐतिहासिक गलती है। हालांकि, सरकार ने इन सभी आरोपों को साफ तौर पर नकार दिया।

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्लियामेंट में बहस के दौरान कहा कि कांग्रेस सरकारों ने MGNREGA को उसकी पूरी क्षमता के साथ लागू नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस स्कीम को और भी असरदार तरीके से लागू किया गया है। चौहान के मुताबिक, UPA सरकार के दौरान जहां 1660 करोड़ मैन-डेज बनाए गए थे, वहीं NDA सरकार के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 3210 करोड़ मैन-डेज हो गया है।

सरकार ने महिलाओं की भागीदारी के आंकड़े भी पेश किए। पहले महिलाओं की भागीदारी करीब 48 परसेंट थी, जो अब बढ़कर 56.73 परसेंट हो गई है। सरकार का कहना है कि ‘जी राम जी’ कानून महिलाओं को रोजगार के ज्यादा मौके देगा और उनकी आर्थिक आजादी को मजबूत करेगा।

नया ‘VB-जी राम जी’ कानून सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जुड़ा है। इस कानून का मुख्य मकसद ग्रामीण इलाकों में रोजगार की सुरक्षा, लोकल लेवल पर काम के मौके, खेती की प्रोडक्टिविटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। यह पर्यावरण सुरक्षा, पानी बचाने, जमीन की बेहतरी और लोकल रिसोर्स के सही इस्तेमाल पर खास जोर देता है।

सरकार का मानना ​​है कि इस कानून से गांव के परिवारों की इनकम स्टेबल होगी और शहरों की तरफ माइग्रेशन रोकने में भी मदद मिलेगी। खेती और गैर-खेती वाले सेक्टर के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश भी इस कानून का एक अहम हिस्सा है। विपक्षी पार्टियां अभी भी इस कानून पर पॉलिटिकल तौर पर एक्टिव हैं और इस मुद्दे पर आगे भी बहस होती रहेगी, लेकिन सरकार का पक्का मानना ​​है कि ‘जी राम जी’ कानून गांव के भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा और रोज़गार की गारंटी के साथ-साथ जीवन की क्वालिटी को बेहतर बनाएगा।

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Author: vatsalyanews

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