दूध में बड़ा घोटाला सामने आया! विजिलेंस जांच में शेरऊ महिला मंडली में फैट स्कैम का पता चला

वात्सल्यम समाचार प्रवीणभाई चौहान वाव थराद

थराद तालुका इलाके में दूध इकट्ठा करने के काम में एक बड़ा गड़बड़ घोटाला सामने आया है, जिससे मिल्क एसोसिएशन में हड़कंप मच गया है। 30 और 31 जनवरी 2026 को एसोसिएशन की विजिलेंस टीम द्वारा शेराऊ महिला मंडली में CCTV कैमरों की जांच के दौरान गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जांच में पता चला कि दूध लोड करते समय, एसोसिएशन के टेस्टर्स ने पहले से ही हाई-फैट दूध का सैंपल अलग रख लिया था और उसे एसोसिएशन को भेजे गए ऑफिशियल सैंपल से बदल दिया था। जब रूट ड्राइवर ठाकोर अलकेशभाई रत्नाभाई से पूछताछ की गई, तो उसने माना कि एसोसिएशन के मंत्री ने अपना बचाव करते हुए इसे टेस्टर पर डाल दिया। एसोसिएशन के टेस्टर्स

चौधरी नरसिंहभाई नागजीभाई, चौधरी माधभाई रावताभाई, उनके साथ मिलकर सैंपल बदलने की गड़बड़ कर रहे थे। ड्राइवर के मुताबिक, इस गैर-कानूनी काम के लिए उन्हें 300 रुपये दिए गए थे। *//घोटाले का मॉडल?//*

एसोसिएशन पर पहले से ही ज़्यादा फैट वाले दूध का सैंपल रखा जाता था और फिर एसोसिएशन को जाने वाला असली दूध का सैंपल बदल दिया जाता था। इस वजह से, एसोसिएशन ज़्यादा फैट दिखाकर ज़्यादा पेमेंट ले लेती थी।

*//सख्त कार्रवाई//*

एसोसिएशन ने साफ़ कर दिया है कि इस घोटाले से हुए नुकसान और पेनल्टी की पूरी रकम रूट बिल से काटकर एसोसिएशन में जमा की जाएगी।

दूध में अब पानी नहीं, अब फैट में भी खेल! — भरोसे को झटका

इस घटना ने ग्रामीण दूध कलेक्शन सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि एसोसिएशन किस हद तक सख्त कार्रवाई करती है।

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Author: vatsalyanews

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