‘सरकार और उद्योग जगत के बीच समन्वय के लिए एक पेशेवर संस्था की जरुरत’ – a professional institution needs for coordination between the government and the industry

‘प्रदेश के छोटे-छोटे शहरों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) और उसके बाद वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस) के माध्यम से प्रदेश में निवेश का अभूतपूर्व माहौल तैयार हुआ है। हमने सरकार गठन के तुरंत बाद उद्योग और रोजगार तैयार करने के जो प्रयास किए हैं उनके परिणाम अब सामने आने लगे हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि परियोजना शुरु करने की चाह रखने वाले अधिक हैं और हमारे पास जमीन कम पड़ रही है। प्रदेश में 6 आईटी पार्क हैं जो आईटी क्षेत्र की कंपनियों के लिए कारोबार आसान बना रहे हैं। पूरी दुनिया से निवेशक मध्य प्रदेश में आ रहे हैं।’ ये बातें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ में कहीं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उद्योग का एक बड़ा केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है। दुबे ने राज्य की सेमीकंडक्टर नीति और प्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली वित्तीय और गैर वित्तीय सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, शीघ्र मंजूरी, उन्नत बुनियादी ढांचा और और नीतियों ने तकनीकी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

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प्रदेश के आईटी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए आयोजित इस कॉन्क्लेव में कई प्रमुख उद्योगपतियों ने भी हिस्सा लिया। कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजय गुप्ता ने सुझाव दिया कि एक पेशेवर संस्था बनाने की आवश्यकता है जो उद्योग जगत और सरकार के बीच काम करे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से शुरू हुई यह लहर देश की अर्थव्यवस्था को काफी मदद पहुंचाने वाली साबित होगी।

ग्लोबल कैपबिलिटी सेंटर (जीसीसी) क्षेत्र के विशेषज्ञ, विश्वनाथन केएस ने कहा, ‘मध्य प्रदेश पहला राज्य है जिसने जीसीसी नीति अपनाकर काम करना आरंभ किया है। देश में आज 1700 जीसीसी हैं और अगले पांच साल में 3,000 नए जीसीसी आएंगे। ऐसे में प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन आदि शहरों में बहुत अधिक संभावनाएं हैं।’

पंचशील प्राइवेट लिमिटेड के अतुल चोडिया ने कहा कि उनकी कंपनी इंदौर में एक फ्यूचर रेडी आईटी पार्क का निर्माण करेगी। उनकी कंपनी डेटा सेंटर की स्थापना की दिशा में भी काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान इन्फोबीन टेक्नॉलजी के सीईओ सिद्धार्थन सेठी और इंपेटस टेक्नॉलजी के प्रवीण काकड़िया ने भी प्रदेश सरकार की सहायक नीतियों और सकारात्मक माहौल की सराहना की।

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First Published – April 27, 2025 | 9:10 PM IST



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