वात्सल्यम समाचार,
पूजा ठक्कर – मुंडारा कच्छ।
अडानी फाउंडेशन ने बन्नी सिंधु सेवा संघ को सोलर पैनल सिस्टम गिफ्ट किया: सिंधी भाषा और साहित्य को बचाने के लिए ज़रूरी कदम
खावड़ा/कच्छ, तारीख: 30 दिसंबर, 2025: अडानी फाउंडेशन ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत, कच्छ के दूर बन्नी इलाके में मौजूद “बन्नी सिंधु सेवा संघ” संस्था को एक सोलर पैनल सिस्टम गिफ्ट किया है। यह सिस्टम संस्था की सिंधी लिटरेचर लाइब्रेरी के लिए लगाया गया है, जिससे बिना रुकावट बिजली सप्लाई होगी और सिंधी भाषा और साहित्य को बचाने के काम को और मज़बूती मिलेगी।
अडानी फाउंडेशन ने यह पहल संस्था के फाउंडर, श्री कलाधरभाई मुटवा (जिन्हें कलाधर मुटवा के नाम से जाना जाता है) के कहने पर की है। गोरेवाली पंचायत के पनवारी गांव में मौजूद यह संस्था पिछले 24 सालों से सिंधी भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने और बचाने के लिए बिना थके काम कर रही है। इसमें हज़ारों सिंधी किताबों से सजी एक आकर्षक लाइब्रेरी है, जिसे देश भर से स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और विदेशी विज़िटर्स रिसर्च के लिए देखते और इस्तेमाल करते हैं।
श्री कलाधरभाई मुतवा खुद कई राज्यों और विदेशों में सिंधी भाषा और साहित्य पर लेक्चर देते हैं, जिसकी वजह से यह संस्था सिंधी कलाकारों और साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
बन्नी इलाके में बिजली की अनियमितता और संस्था की आर्थिक तंगी को ध्यान में रखते हुए, अदानी फाउंडेशन की टीम ने संस्था का दौरा किया और तुरंत एक सोलर पैनल सिस्टम लगाया। इससे लाइब्रेरी में बिना रुकावट बिजली सप्लाई होगी और विज़िटर्स को बेहतर सर्विस मिल सकेगी।
फाउंडर श्री कलाधरभाई मुतवा ने अदानी फाउंडेशन और चेयरपर्सन श्रीमती डॉ. प्रीतिबेन अदानी का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “इस सोलर पैनल के तोहफे ने हमारी संस्था को नई ज़िंदगी दी है। सिंधी भाषा और साहित्य को बचाने का हमारा सपना और मज़बूत हुआ है।”
अडानी फाउंडेशन खावड़ा और बन्नी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सस्टेनेबल एनर्जी के क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। यह पहल उनके सामाजिक कमिटमेंट का एक बेहतरीन उदाहरण है।
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