25 दिसंबर जितेश जोशी पालनपुर बनासकांठा
किसान सुरक्षा, लागत में कमी और उत्पादन में बढ़ोतरी: किसान सूर्योदय योजना का तिहरा फ़ायदा। बनासकांठा में जेटको के 27 सब-स्टेशन से जुड़े 92 गांवों के 13,528 किसानों को दिन में बिजली मिलती है।
किसान सूर्योदय योजना के तहत, मुझ जैसे कई किसानों को फ़ायदा हुआ है क्योंकि हमें दिन में बिजली मिलती है:-किसान श्री केशरभाई लोह*
किसान सूर्योदय योजना के ज़रिए राज्य के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। पहले ज़्यादातर किसानों को खेती के लिए रात में बिजली मिलती थी। जिससे उन्हें रात में सिंचाई करने के लिए रात में जागना पड़ता था। बनासकांठा ज़िला अरावली पहाड़ियों और रेगिस्तानी इलाके के पास है, इसलिए जंगली जानवरों का डर रहता था, अगर रात में बिजली चली जाती थी, तो बैटरी न होने पर प्लग लगाने की दिक्कत होती थी, और सेहत पर असर जैसी कई दूसरी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। किसान सूर्योदय योजना के तहत, किसानों को दिन में भरोसेमंद और अच्छी बिजली सप्लाई मिलती है, इन सभी समस्याओं में काफी कमी आई है। बनासकांठा जेटको के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, श्री ए.एल. जेठवा ने कहा कि किसान सूर्योदय योजना गुजरात सरकार की एक महत्वपूर्ण किसान-उन्मुख योजना है। बनासकांठा जिले में जेटको के कुल 112 सब-स्टेशन चालू हैं, जिसके तहत 818 गाँव और 1,17,845 लाभार्थी शामिल हैं। किसान सूर्योदय योजना के तहत, जेटको द्वारा 27 सब-स्टेशनों से जुड़े 92 गाँवों में 13,528 किसानों को दिन में दो शिफ्टों में बिजली सप्लाई दी जा रही है। बनासकांठा जिले के जगना गाँव के किसान केशरभाई सालों से खेती कर रहे हैं। वे कहते हैं कि पहले, जब रात में बिजली आती थी, तो हम खेतों की सिंचाई के लिए खुली हवा में काम करते थे और कई मुश्किलों का सामना करते थे। खेतों में सिंचाई का काम करते समय, साँप जैसे ज़हरीले कीड़ों के काटने का डर हमेशा बना रहता था। इस डर की वजह से किसान अपनी मर्ज़ी से फसल नहीं काट पा रहे थे। लेकिन, राज्य सरकार की “किसान सूर्योदय योजना” केशरभाई जैसे लाखों किसानों की ज़िंदगी में नई रोशनी ला रही है। इस योजना ने सालों से चली आ रही खेती के लिए ज़रूरी बिजली सप्लाई की समस्या का पक्का और असरदार हल निकाला है। गौरतलब है कि इस योजना से किसानों को दिन में भरोसेमंद और काफ़ी बिजली मिल रही है, जिससे खेती का काम ज़्यादा व्यवस्थित और प्रोडक्टिव हो गया है।









