विदेशी नौकरियों और जल्दी वीजा का लालच देने वाली फर्जी एजेंसियों से सावधान रहें: साइबर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी

रिपोर्टर
हितेंद्र गोसाई
अहमदाबाद

पिछले कुछ सालों में विदेश में पढ़ाई या काम करने की चाहत रखने वाले नागरिकों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस बढ़ती डिमांड का फायदा उठाकर, ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां कुछ गलत लोग नकली वीज़ा एजेंसियां ​​बनाकर भोले-भाले नागरिकों को ठग रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने नागरिकों से खास तौर पर सावधान रहने को कहा है।

नकली वीज़ा एजेंसियां ​​खुद को असली और ऑथराइज़्ड वीज़ा सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर दिखाती हैं। वे सोशल मीडिया, आकर्षक वेबसाइट और बड़े ऑफिस सेटअप के ज़रिए भरोसा बनाती हैं। एप्लिकेंट्स को ‘फास्ट वीज़ा’, ‘100 परसेंट गारंटी’, ‘पक्की नौकरी’ जैसे लुभावने ऑफर देकर जाल में फंसाया जाता है।

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अपफ्रंट पेमेंट स्कैम सबसे आम तरीका है। वीज़ा प्रोसेसिंग के नाम पर एडवांस के तौर पर बड़ी रकम ली जाती है और फिर एजेंसी हाथ से निकल जाती है। कुछ मामलों में, नकली ऑफर लेटर, नकली डॉक्यूमेंट और यहां तक ​​कि नकली वीज़ा स्टिकर भी एप्लिकेंट्स को दे दिए गए हैं। ऐसे में, विदेश पहुंचते ही कोई व्यक्ति कानूनी पचड़े में पड़ सकता है।

विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने फीस लेना, फर्जी कंपनियों से ऑफर लेटर देना, पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी हासिल करना और उसका गलत इस्तेमाल करना जैसी गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। बैंक अकाउंट डिटेल्स, पासपोर्ट कॉपी और OTP जैसी सेंसिटिव जानकारी हासिल करके फ्रॉड किया जाता है।

साइबर एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि अगर कोई एजेंसी काम पूरा होने से पहले पूरी फीस देने के लिए मजबूर करती है, बहुत कम समय में वीजा दिलाने की गारंटी देती है, फैसले के लिए लगातार आप पर साइकोलॉजिकल दबाव डालती है, या लीगल लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन का प्रूफ नहीं दे सकती है, तो यह इस बात का संकेत है कि एजेंसी को शक हो सकता है। ऐसे में एप्लिकेंट को तुरंत अलर्ट हो जाना चाहिए।

साइबर क्राइम पुलिस ने पब्लिक अवेयरनेस के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें इन बातों पर खास जोर दिया गया है:

• चेक करें कि एजेंसी के पास वीजा ऑपरेशन के लिए ऑफिशियल अप्रूवल और वैलिड लाइसेंस है या नहीं।

• जहां तक ​​हो सके, संबंधित देश की एम्बेसी या ऑथराइज्ड वीजा एप्लीकेशन सेंटर से सीधे कॉन्टैक्ट करें।

• ‘वीजा गारंटी’ जैसे लुभावने एडवर्टाइजमेंट से दूर रहें।

• फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन के लिए सुरक्षित और ट्रेस किए जा सकने वाले पेमेंट तरीकों का इस्तेमाल करें और ऑफिशियल रसीदें लें।

• सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफ़र की क्रेडिबिलिटी चेक किए बिना कोई भी डॉक्यूमेंट या पैसा न भेजें।

वीज़ा से जुड़ी जानकारी के लिए हमेशा संबंधित देश की ऑफिशियल वेबसाइट या एम्बेसी की वेबसाइट पर ही भरोसा करना ज़रूरी है। अनजान एजेंट, मैसेजिंग ऐप से मिलने वाले ऑफ़र और बहुत लुभावने एडवर्टाइज़मेंट से खास तौर पर सावधान रहना ज़रूरी है।

अगर कोई नागरिक वीज़ा फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय बर्बाद किए तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज करने से पैसे वापस मिलने या ट्रांज़ैक्शन रुकने की संभावना बढ़ जाती है।

विदेश जाने का सपना पूरा करने की जल्दबाजी करने से पहले सावधानी और सही जांच ही सबसे बड़ा बचाव है। सही जानकारी और जागरूकता से ही ऐसे फ्रॉड से बचा जा सकता है।

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Author: vatsalyanews

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