‘बचपन का दोस्त ही निकला हत्यारा’, कच्छ में चाय का दुकान पर बहस के बाद उतारा मौत के घाट

कच्छ के जखौ इलाके से मिले अज्ञात शव का रहस्य आखिरकार जखौ पुलिस ने सुलझा लिया है। शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले संदिग्ध निशानों और सिर पर लगी गंभीर चोटों के आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। पुलिस ने तीन अलग-अलग टीमें बनाकर सीसीटीवी सर्विलांस, तकनीकी निगरानी और अन्य दिशाओं में जांच शुरू की। जांच के दौरान पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।

5 सितंबर को जखौ इलाके से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव की कमर के हिस्से में रस्सी बंधी हुई थी, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद 6 सितंबर को शव को पोस्टमार्टम के लिए जामनगर भेजा गया। पोस्टमार्टम और प्राथमिक जांच में मृतक के सिर पर गंभीर चोटें होने की बात सामने आई, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हो गई। जखौ पुलिस की जांच में मृतक की पहचान ओसमाण उमर के रूप में हुई, जो देवभूमि द्वारका का रहने वाला था और मछली पकड़ने के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था।

पुलिस जांच में सामने आया कि ओसमाण उमर और हाजी जुमा सिंधी बचपन के दोस्त थे और दोनों मछली पकड़ने का व्यवसाय करते थे। दोनों के बीच एक चाय की केबिन पर बहन को लेकर अभद्र शब्द बोलने के मुद्दे पर कहासुनी हुई थी। इसके बाद कहासुनी ने उग्र झगड़े का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान हाजी जुमा सिंधी ने ओसमाण उमर पर पत्थर से हमला किया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण ओसमाण उमर की मौत हो गई होने का आरोप है। हत्या का रहस्य सामने आने के बाद जखौ पुलिस ने हाजी जुमा सिंधी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रिपोर्ट : नितेश गोर, कच्छ



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Author: vatsalyanews

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