ओडिशा सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटीन वाले प्रोडक्ट्स पर पूरी तरह बैन लगाने का बड़ा फैसला लिया है। 21 जनवरी को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब पूरे ओडिशा राज्य में गुटखा, पान मसाला, जर्दा और खैनी जैसी चीज़ों के प्रोडक्शन, स्टोरेज और बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।
सरकार ने यह सख्त फैसला सुप्रीम कोर्ट और FSSAI की तरफ से जारी गाइडलाइंस के आधार पर लिया है। हेल्थ अधिकारियों के मुताबिक, तंबाकू और निकोटीन के सेवन से मुंह और गले के कैंसर और दूसरी जानलेवा बीमारियों का खतरा रहता है, जो खासकर युवा पीढ़ी के लिए बहुत नुकसानदायक है।
ओडिशा में साल 2013 में भी ऐसी रोक लगाई गई थी, लेकिन दूसरे राज्यों से इन प्रोडक्ट्स की स्मगलिंग की वजह से इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा सका था। असेंबली में पेश किए गए डेटा के मुताबिक, पिछले 11 सालों में सरकार ने तंबाकू की बिक्री से करीब 6596 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है। साल 2024-25 में ही यह इनकम बढ़कर 1048 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सरकार ने इनकम कमाने वालों की हेल्थ को ज़्यादा अहमियत देते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति तंबाकू प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग या बिक्री करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने नागरिकों से इन नियमों का पालन करने और राज्य को ‘तंबाकू-मुक्त ओडिशा’ बनाने के अभियान में हिस्सा लेने की अपील की है।









