Earthquake Today: एक घंटे में चार भूकंपों से कांपे भारत, म्यांमार और ताजिकिस्तान; लोगों में दहशत का माहौल – earthquake today four quakes jolt india myanmar tajikistan within an hour

Earthquake Today: रविवार सुबह का समय दक्षिण और मध्य एशिया के लिए डरावना रहा। सिर्फ एक घंटे के अंदर भारत, म्यांमार और ताजिकिस्तान में चार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया और कई जगह लोग घरों से बाहर भागते नजर आए।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, पहला भूकंप हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सुबह 9 बजे आया। इसकी तीव्रता 3.4 रही और गहराई सिर्फ 5 किलोमीटर थी। हालांकि यह झटका हल्का था, लेकिन इसका असर इतना जरूर था कि लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई है।

म्यांमार में फिर कांपी धरती, 5.5 तीव्रता का झटका

इसके कुछ ही देर बाद म्यांमार में एक और तेज भूकंप आया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इसकी तीव्रता 5.5 थी और यह म्यांमार के मेईक्तीला इलाके के पास आया। यह झटका 28 मार्च को आए विनाशकारी 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद का अब तक का सबसे तेज आफ्टरशॉक बताया जा रहा है। उस पुराने भूकंप में 3,600 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और 5,000 से ज्यादा घायल हुए थे।

मंडाले और नायपीडॉ के बीच महसूस किए गए झटके

यह नया झटका मंडाले और नायपीडॉ के बीच के इलाके में महसूस किया गया। वहां के वुंदविन टाउनशिप में कुछ इमारतों की छतों को नुकसान पहुंचा है। डर के कारण लोग फिर से घर और इमारतों से बाहर निकल आए।

गौर करने वाली बात यह है कि ये झटका म्यांमार के पारंपरिक नववर्ष ‘थिंगयान’ के दिन सुबह आया, जिसके सार्वजनिक जश्न पहले ही पिछले भूकंप की वजह से रद्द कर दिए गए थे।

ताजिकिस्तान में रविवार सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। सुबह 9:54 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता शुरुआत में 6.4 बताई गई थी, जिसे बाद में सुधारकर 6.1 बताया गया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। इसके करीब 40 मिनट बाद सुबह 10:36 बजे एक और झटका महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता 3.9 थी।

दोनों झटकों की वजह से आसपास के शहरों में दहशत फैल गई और एहतियातन स्कूलों और व्यापारिक इमारतों को खाली करवा लिया गया।

इन झटकों के बाद हिमालय और मध्य एशिया के इलाकों में फिर से भूकंपीय सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि भारत और ताजिकिस्तान में अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि म्यांमार में 28 मार्च को आए भूकंप ने वहां पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है। अब रविवार को आया आफ्टरशॉक राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है।


First Published – April 13, 2025 | 1:18 PM IST



संबंधित पोस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!