छोटा उदयपुर जिले के बोडेली तालुका में लाधोद गांव के पास सरदार शुगर फैक्ट्री में किसानों के बकाया पैसे का मामला फिर से सामने आया है। पिछले 18 सालों से करीब 1800 किसानों को कुल 11.97 करोड़ रुपये यानी करीब 12 करोड़ रुपये का पेमेंट नहीं किया गया है, जिससे किसानों में काफी गुस्सा है।
आज बड़ी संख्या में किसान इस बंद पड़ी शुगर फैक्ट्री पर इकट्ठा हुए और सरकार के सामने अपना बकाया पैसा जल्द से जल्द दिलाने के लिए एक प्रेजेंटेशन दिया। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग की है कि कभी चहल-पहल वाली लाधोद शुगर फैक्ट्री को फिर से शुरू किया जाए।
लाधोद गांव के पास यह शुगर फैक्ट्री कभी इलाके में रोजगार का मुख्य जरिया थी। इस फैक्ट्री के भरोसे हजारों किसान अपना गन्ना बेचते थे और मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों को भी रोजगार मिलता था। लेकिन फैक्ट्री पिछले कई सालों से बंद है।
फैक्ट्री के बंद होने से छोटा उदयपुर और वडोदरा समेत जिलों के करीब 1800 किसानों के गन्ने का पैसा फंस गया है। किसानों ने अपनी मेहनत से उगाया गन्ना फैक्ट्री को देने के बाद भी आज तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिला है, जिससे कई किसान आर्थिक तंगी में हैं।
फिलहाल, किसान ब्याज के साथ अपना बकाया चुकाने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में उन्होंने जल्द ही जिला कलेक्टर को अर्जी देकर फैक्ट्री पर चार्ज लगाने की भी तैयारी दिखाई है।
किसानों का कहना है कि अगर सरदार शुगर फैक्ट्री को फिर से शुरू किया जाता है, तो आदिवासी इलाके में रोजगार के मौके बढ़ेंगे और लोकल इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन फिलहाल फैक्ट्री खस्ताहाल है और पूरे इलाके का इस्तेमाल अस्तबल की तरह किया जा रहा है।
किसानों ने कहा है कि पिछले 18 सालों में जब नरेंद्र मोदी, आनंदीबेन पटेल और विजय रूपाणी मुख्यमंत्री थे, तब बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई साफ कार्रवाई नहीं हुई है। अब अगर जल्द ही न्याय नहीं मिला तो उन्होंने हिंसक आंदोलन का रास्ता अपनाने की भी धमकी दी है।
किसानों की साफ मांग है कि सरकार तुरंत इस पूरे मामले की जांच करे, बकाया रकम का भुगतान करे और सरदार शुगर फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए सही कदम उठाए, नहीं तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन होगा।
रिपोर्टर: तोसिफ खत्री








