इजरायली हवाई हमले से ईरान में भारी तबाही, 36 छात्रों की मौत

इज़राइल और ईरान के बीच जंग तेज़ होती जा रही है। इसी सिलसिले में इज़राइल ने एक ईरानी स्कूल को निशाना बनाया है। इस हमले में 36 स्टूडेंट्स की मौत हो गई है। इज़राइल-ईरान जंग के बाद US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने कहा कि कुछ समय पहले अमेरिका ने ईरान में एक “बड़ा वॉर कैंपेन” शुरू किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक वीडियो मैसेज जारी किया। इसमें ट्रंप ने कहा कि इस मिलिट्री एक्शन का मकसद अमेरिकी लोगों की रक्षा करना और ईरान से खतरे को खत्म करना है।

अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरानी शासन को बहुत सख़्त और खतरनाक ग्रुप बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को फिर से शुरू करने की कोशिश की है और लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है, जो अमेरिका और उसके साथियों के लिए एक गंभीर खतरा है।

US प्रेसिडेंट ने कहा, हम उनकी मिसाइलों को खत्म कर देंगे और उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को खत्म कर देंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि US ईरान की नेवी को पूरी तरह से खत्म कर देगा और यह पक्का करेगा कि तेहरान न्यूक्लियर हथियार हासिल न कर पाए। उन्होंने ईरानी मिलिट्री, IRGC से सरेंडर करने को कहा।

दुनिया के दो सबसे बड़े वॉरशिप, USS गेराल्ड आर. फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन को भी इज़राइल-ईरान युद्ध के लिए तैनात किया गया है। फोर्ड अमेरिका का सबसे नया और दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है। इसमें न्यूक्लियर रिएक्टर लगा है और यह 75 से ज़्यादा मिलिट्री एयरक्राफ्ट ले जा सकता है। वहीं, अब्राहम लिंकन न्यूक्लियर पावर्ड है और इसमें करीब 90 मिलिट्री एयरक्राफ्ट आ सकते हैं।

US प्रेसिडेंट ट्रंप के आक्रामक बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने इज़राइली हमले का बदला लेते हुए इज़राइल पर 70 मिसाइलें दागी हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि यह लड़ाई कैसे आगे बढ़ती है।

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Author: vatsalyanews

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