रसोई में काम करते वक्त खड़े होकर दूध उबालना काफी थकावट भरा काम लगता हैय़। वहीं कई बार नज़र हटते ही दूध उबलकर गैस चूल्हे पर गिर जाता है। इसकी वजह से न चाहते हुए भी काम बढ़ जाता है और गैस चूल्हे गंदे हो जाते हैं। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो इन आसान और आप इसको गिरने से बचाने के लिए आसान टिप्स की तालाश कर रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ असरदार टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप इस परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।
1. लकड़ी या चम्मच का इस्तेमाल
दूध उबालते समय बर्तन के ऊपर एक लकड़ी की बड़ी कलछी या लकड़ी की चम्मच आड़ी रख दें। ऐसा करने से जैसे ही दूध उबलकर ऊपर उठेगा और लकड़ी के संपर्क में आएगा, बुलबुले ठंडे हो जाएंगे और दूध बर्तन से बाहर नहीं गिरेगा।
2. बर्तन के किनारों पर घी या मक्खन लगाएं
दूध गरम करने से पहले बर्तन के ऊपरी अंदरूनी किनारों पर थोड़ा सा घी या मक्खन लगा दें। घी की चिकनाई के कारण दूध के बुलबुले ऊपर की तरफ नहीं आ पाते और दूध बर्तन के अंदर ही उबलता रहता है।
3. बर्तन के अंदर रख दें कटोरी
दूध उबालते वक्त बर्तन की तली में एक छोटी साफ स्टील या कांच की कटोरी रख दें। इससे दूध में लगातार हलचल बनी रहती है और जब भी दूध में उबाल आना शुरू होता है, तो कटोरी की वजह से बुलबुले बिखर जाते हैं और दूध उफनकर बाहर नहीं गिरता।
4. पानी के छींटे मारें
जैसे ही आपको लगे कि दूध उबलने वाला है और ऊपर आ रहा है, तुरंत चम्मच में थोड़ा सा पानी लेकर दूध के ऊपर छींटे मार दें। पानी पड़ते ही दूध का तापमान अचानक थोड़ा कम हो जाता है और उबलता हुआ दूध तुरंत नीचे बैठ जाता है।
5. धीमी आंच पर उबालें
तेज़ आंच पर दूध और चाय जल्दी उबलते हैं और झाग ज़्यादा बनता है। इससे बचने के लिए, दूध को हमेशा धीमी आंच पर उबालें। मध्यम या धीमी आंच पर उबालने से दूध धीरे-धीरे गर्म होंगे और झाग बनने की प्रक्रिया नियंत्रित रहेगी। बीच-बीच में दूध या चाय को चलाते रहें ताकि वे जलें नहीं और अच्छी तरह उबलें।









