IndusInd Bank Share: CEO के इस्तीफे से टूटा भरोसा? स्टॉक में बिकवाली हावी, अब क्या करें निवेशक – indusind bank share falls more than 3 pc in early trade after ceo resignation expert suggests what should investor do

ग्रांट थार्नटन के आकलन के अनुसार 31 मार्च, 2025 तक बैंक के लाभ और हानि खाते में कुल मिलाकर 1,959.98 करोड़ रुपये का निगेटिव असर पड़ेगा। (File Image)

IndusInd Bank Share: इंडसइंड बैंक में उथल-पुथल बनी हुई है। बैंक के सीईओ सुमंत काठपालिया के इस्तीफे के बाद बुधवार (30 अप्रैल) को जोरदार गिरावट देखने को मिली। इंडसइंड बैंक के शेयर में 3 फीसदी से ज्यादा की बड़ी गिरावट के साथ कारोबार शुरुआत हुआ। काठपालिया ने यह कदम बीते रविवार को ग्रांट थॉर्नटन की रिपोर्ट के बाद उठाया है। इससे पहले, बैंक के डिप्टी सीईओ अरुण खुराना ने भी अकाउंटिंग संबंधी खामी सामने आने के बाद पद छोड़ दिया था। बैंक के इन टॉप अधिकारियों का इस्तीफा मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष में बैंक को 1,960 करोड़ रुपये का नुकसान होने के बाद आया है।

IndusInd Bank Share: बाजार खुलते ही बिकवाली

इंडसइंड बैंक का शेयर BSE पर बुधवार को 3.1 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 811.20 रुपये पर खुला। मंगलवार को स्टॉक 837.30 रुपये पर बंद हुआ था। थोड़ी देर में ही स्टॉक ने 810.40 रुपये का इंट्राडे लो बनाया। बीते एक महीने में शेयर करीब 25 फीसदी उछला है। जबकि इस साल अबतक 15 फीसदी और बीते 1 साल में 46 फीसदी का करेक्टशन आ चुका है।

Also Read: IndusInd Bank के CEO सुमंत कठपालिया ने दिया इस्तीफा, कहा- अब तक हुए नुकसान की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं

IndusInd Bank Share: क्या है एनॉलिस्ट की राय

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के एवीपी (रिसर्च एंड एडवाइजरी) विष्णु कांत उपाध्याय का कहना है, इंडसइंड बैंक को सीईओ एंड एमडी सुमंत काठपालिया के इस्तीफे के बाद नियर टर्म में निगेटिव सें​टिमेंट का सामाना करना पड़ सकता है। टॉप लीडरशिप में बदलाव, खासकर अहम फाइनेंशियल सेटबैक के बीच, स्ट्रैटजिक निरंतरता और गवर्नेंस को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है।

विष्णु कांत उपाध्याय का कहना है, हालांकि इन फाइनेंशियल और लीडरशिप संबंधी दिक्कतों को स्टॉक में पहले ही डिस्काउंट कर चुका है। इसलिए लॉन्ग टर्म में बड़ी बिकवाली आशंका नहीं है। लेकिन फिर भी, लॉन्ग टर्म निवेशक बैंक की नई लीडरशिप और स्थायित्व लाने के प्रयासों पर नजर रखनी चाहिए।

टेक्निकली आधार पर देखें तो अगर स्टॉक 770 के आसपास प्रमुख सपोर्ट जोन को तोड़ता है, तो यह नीचे की तरफ 712 और फिर 640 के लेवल दिखा सकता है। हायर साइड पर स्टॉक में 920-940 के लेवल पर इमीडिएट रेसिसटेंस होगा।

Also Read: Bajaj Finance से लेकर Trent, IndusInd, Ambuja और SBI तक, इन स्टॉक्स में रहेगी हलचल

IndusInd Bank: बड़ी अनियमितता का पता चला

इंडसइंड बैंक ने 10 मार्च को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि आंतरिक समीक्षा में उसे अपने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में विसंगतियां मिली हैं। बैंक ने कहा था कि इससे दिसंबर 2024 तक उसके कुल नेटवर्थ पर 2.35 फीसदी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बैंक ने यह भी कहा कि उसने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में नुकसान के अनुमान की समीक्षा के लिए पीडब्ल्यूसी को नियुक्त किया है। बाद में बैंक ने खुलासा किया कि उसने बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में विसंगतियों के मूल कारण का पता लगाने हेतु व्यापक जांच करने के लिए स्वतंत्र पेशेवर फर्म ग्रांट थॉर्नटन को नियुक्त किया है।

प्रबंध निदेशक और और सीईओ के रूप में कठपालिया के कार्यकाल के दौरान बैंक की लोन बुक 2.06 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.66 लाख करोड़ रुपये रुपये (वित्त वर्ष 25 के 9 महीने तक) हो गई है। साथ ही इस अवधि के दौरान जमा आधार 2.02 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.09 लाख करोड़ रुपये हो गया है। दिसंबर 2024 तक बैंक की नेटवर्थ 34,387 करोड़ रुपये से बढ़कर 67,106 करोड़ रुपये हो गई है।

इंडसइंड बैंक ने बीती रविवार देर रात खुलासा किया था कि स्वतंत्र पेशेवर फर्म ग्रांट थॉर्नटन ने पता लगाया है कि बैंक द्वारा आंतरिक डेरिवेटिव ट्रेड के गलत लेखांकन के कारण काल्पनिक लाभ दर्ज किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लेखांकन में विसंगतियां हुईं। ग्रांट थार्नटन के आकलन के अनुसार 31 मार्च, 2025 तक बैंक के लाभ और हानि खाते में कुल मिलाकर 1,959.98 करोड़ रुपये का प्रतिकूल असर पड़ेगा।

(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक पर सलाह एक्सपर्ट ने दी है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)


First Published – April 30, 2025 | 11:18 AM IST



संबंधित पोस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!