इज़राइल ने ईरान के खिलाफ “प्रीएम्पटिव अटैक” किया है, यानी उसने पहले ही एहतियात के तौर पर मिलिट्री एक्शन शुरू कर दिया है। इज़राइल के डिफेंस मिनिस्टर ने शनिवार सुबह इसकी पुष्टि की। साथ ही, इज़राइली सेना ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है और पूरे देश में सायरन बजा दिए हैं, ताकि अगर ईरान से मिसाइल हमला हो, तो लोग पहले सुरक्षित जगह पर जा सकें।
ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाके हुए हैं। लोकल मीडिया और लोगों के मुताबिक, शहर के बीच के हिस्से में कम से कम तीन धमाके हुए। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह घटना तब हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच गुरुवार को जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत हुई थी और आज एक और दौर होना था। मिलिट्री एक्शन ने डिप्लोमेसी पर असर डाला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को “बहुत सख्त” और “बहुत खतरनाक” बताया था। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बढ़ते सिक्योरिटी खतरे का हवाला देते हुए इज़राइल से गैर-जरूरी एम्बेसी स्टाफ को वापस बुलाने का भी आदेश दिया था।
पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बहुत ज़्यादा है। इज़राइल के इस कदम और तेहरान में धमाकों की खबर ने हालात को और बिगाड़ दिया है। अब दुनिया ईरान के संभावित जवाब और आगे की डिप्लोमेसी पर नज़र रख रही है।








