J&K विधान सभा में बोले उमर अब्दुल्ला- पहलगाम हमले का इस्तेमाल हम केंद्र पर पूर्ण राज्य देने का दबाव बनाने के रूप में नहीं करेंगे – we will not use omar abdullah pahalgam attack in jk legislative assembly as pressure to give full state to the cen

जम्मू-कश्मीर विधान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला | फोटो: PTI

जम्मू कश्मीर विधान सभा में सोमवार को विशेष सत्र के दौरान विधायकों ने देश एवं केंद्र शासित प्रदेश की प्रगति और सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने के नापाक मंसूबों को हराने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में कहा गया है, ‘यह सदन बीते मंगलवार को पहलगाम में हुए लक्षित आतंकवादी हमले के पीछे के भयावह इरादों को जानता है, जिसमें 26 लोग मारे गए।’

विधान सभा  को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह पहलगाम आतंकवादी हमले का इस्तेमाल केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाने के अवसर के रूप में नहीं करेंगे। वह इस तरह की ‘घटिया सियासत’ में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री के रूप में यह उनकी जिम्मेदारी थी कि पर्यटक सुरक्षित अपने घरों को लौटें। उनके पास इस हमले के पीडि़तों से माफी मांगने के लिए कोई शब्द नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में वर्षों बाद पहली बार ऐसा देखा कि आतंकवादी हमलों के खिलाफ लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किए। आतंकियों की तलाश में पुलिस ने सोमवार को भी जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, डोडा और किश्तवाड़ में दर्जनों स्थानों पर छापे मारे हैं।

इस बीच, आतंकवादी हमले से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने भारत के बारे में कथित रूप से झूठी, भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री प्रसारित करने वाले डॉन न्यूज, इरशाद भट्टी, समा टीवी, आरी न्यूज, बोल न्यूज रफ्तार, द पाकिस्तान रेफरेंस, जियो न्यूज, समा स्पोर्ट्स, जीएनएन, उजैर क्रिकेट, उमर चीमा एक्सक्लूसिव, अस्मा शिराजी, मुनीब फारूक, सुनो न्यूज़ और राजीनामा सहित 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। गृह मंत्रालय ने इनके खिलाफ सिफारिश की थी। 

बीबीसी इंडिया की प्रमुख जैकी मार्टिन को लिखे एक पत्र में विदेश मंत्रालय ने पहलगाम हमले पर अपनी रिपोर्टिंग में आतंकवादियों को ‘मिलिटेंट’ के रूप में वर्णित करने पर आपत्ति जताई है। एक न्यूज फ्लैश में बीबीसी ने कहा, ‘कश्मीर में पर्यटकों पर घातक हमले के बाद पाकिस्तान ने भारतीयों के लिए वीजा निलंबित कर दिया।’ केंद्र सरकार ने इसे आपत्तिजनक बताया। सरकार ने व्हाट्सऐप पर प्रसारित हो रहे एक संदेश को भी ब्लॉक कर दिया है, जिसमें ‘भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और युद्ध क्षेत्र में घायल या शहीद हुए सैनिकों के लिए’ हर दिन एक रुपये का योगदान मांगा जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संदेश भ्रामक है। दूसरी ओर पीआईबी ने स्पष्ट किया कुछ पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट झूठा दावा कर रहे हैं कि भारतीय सेना की तैयारियों से संबंधित ‘गोपनीय दस्तावेज’ ‘लीक’ हो गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा पर संसद की स्थायी समिति के सदस्यों ने आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा। सूत्रों के अनुसार, सरकार से कोई असुविधाजनक सवाल नहीं पूछा गया, क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने कहा कि वे आतंकवादी हमले का कड़े से कड़ा जवाब देने में सरकार के साथ हैं। कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी इस मुद्दे पर बिना सोचे-समझे बोलने से बचने और पहलगाम आतंकवादी हमले पर कांग्रेस की लाइन पर ही बोलने कहा।  

दूसरी ओर, इस्लामाबाद में समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने सोमवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हमने अपनी सेना को सतर्क कर दिया है। आसिफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान हाई अलर्ट पर है और वह अपने परमाणु हथियारों का उपयोग तभी करेगा जब हमारे अस्तित्व पर संकट आएगा।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने से उत्पन्न स्थिति का आकलन कर रही है और कोई भी निर्णय पूरी तरह से समझने के बाद ही लिया जाएगा। 

पाकिस्तान से नौ गुना सैन्य खर्च

सैन्य खर्च का अध्ययन करने वाले स्वीडिश थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) ने सोमवार को एक अध्ययन में कहा कि भारत दुनिया के शीर्ष पांच सैन्य खर्च करने वालों में से एक है, जिसमें अमेरिका और चीन क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक खर्च करने वाले 40 देशों में 29वें स्थान पर है। इसमें कहा गया है कि 2024 में भारत का सैन्य खर्च पाकिस्तान के खर्च का लगभग नौ गुना था। एसआईपीआरआई के मुताबिक भारत का सैन्य व्यय 1.6 प्रतिशत बढ़कर 86.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि पाकिस्तान ने इस मद में 10.2 अरब डॉलर खर्च किए।


First Published – April 28, 2025 | 10:52 PM IST



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