LOC पर बढ़ा तनाव: पाक की गोलीबारी के बाद भारत ने दिया कड़ा जवाब, पर्यटकों पर हमले के बाद सीमा पर बढ़ी सुरक्षा – india increased stress on loc india gave strong reply to army search operation

पहलगाम में पर्यटकों पर हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है। पड़ोसी देश की सेना ने शुक्रवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास कुछ स्थानों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना ने भी इसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया। दोनों ओर से फायरिंग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आतंकियों की तलाश के लिए भारतीय सेना ने पूरी कश्मीर घाटी में व्यापक तलाशी अभियान छेड़ रखा है। जमीनी बलों के इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा का एक संदिग्ध आतंकवादी मारा गया जबकि दो स्थानीय संदिग्धों के घरों को विस्फोटकों से ध्वस्त कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक जम्मू-कश्मीर में सेना के नेतृत्व में कई तलाशी अभियान जारी थे।

हाल के वर्षों में घाटी में शांति के माहौल के बीच किए गए इस घातक हमले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी  प्रतिबंधित संगठन का हाथ है। अभी यह मालूम नहीं हुआ है कि पहलगाम हमले में कितने आतंकवादी शामिल थे। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और सेना की उत्तरी कमान के शीर्ष अधिकारियों सहित सैन्य एवं नागरिक अधिकारियों से बात की। 

इस बीच शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोई भी पाकिस्तानी देश छोड़ने के लिए निर्धारित समय सीमा से आगे भारत में न रहे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए 14 श्रेणियों के वीजा रद्द कर दिए हैं, जिनमें व्यापार, सम्मेलन, आगंतुक और तीर्थयात्री के वीजा भी शामिल हैं। सभी राज्य सरकारों को भेजे गए संदेश में गृह मंत्रालय ने कहा कि यह आदेश पाकिस्तानी नागरिकों को जारी दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) और राजनयिक एवं आधिकारिक वीजा पर लागू नहीं होगा। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, दक्षेस वीजा रखने वालों को 26 अप्रैल तक भारत छोड़ देना चाहिए तथा आगमन पर वीजा, व्यापार, फिल्म, पत्रकार, पारगमन, सम्मेलन, पर्वतारोहण, छात्र, आगंतुक, समूह पर्यटक और तीर्थयात्री श्रेणी के वीजा रखने वालों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ देना होगा। इसके अलावा पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द घर लौटने की सलाह दी गई है।

लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आतंकी हमले में घायल हुए लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए बादामीबाग छावनी में सेना के 92 बेस अस्पताल का दौरा किया। इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। दोनों ने उन्हें घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण कर अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया। इससे पहले भारतीय वायु सेना ने गुरुवार को एक युद्ध अभ्यास आयोजित की और अगले दिन नियमित उड़ान भरी। 

सूत्रों का कहना है, ‘यह हमला कश्मीर मुद्दे को दोबारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा के केंद्र लाने के इरादे से किया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कश्मीर घाटी में काफी शांत और सुरक्षित माहौल बन गया था। इससे पर्यटकों की आमद भी बढ़ी थी। केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के मुताबिक हाल के वर्षों में विदेशी नागरिकों के समेत लाखों पर्यटक यहां आए हैं। यह सिलसिला अब और बढ़ गया था, लेकिन आतंकी हमले से देश के लोग और पर्यटन के शौकीन सहम गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि पर्यटकों पर किया गया यह हमला कश्मीर की ओर पुन: अंतरराष्ट्रीय ताकतों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।  


First Published – April 25, 2025 | 10:48 PM IST



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