डांग जिले की समूह ग्राम पंचायतों में आवंटित करोड़ों की ई-रिक्शा योजना को खत्म कर दिया गया है..!

वात्सल्यम समाचार

मदन वैष्णव

रख-रखाव के बिना समूह ग्राम पंचायतें बेबस, ‘स्वच्छता’ के नाम पर सरकारी पैसे की बर्बादी।

डांग जिला ग्राम विकास एजेंसी के बेखौफ भ्रष्टाचार में ई-रिक्शा योजना की वर्तमान स्थिति.. सापुतारा 26-12-2025 डांग जिले की पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला ग्राम विकास एजेंसी (डीआरडीए) ने ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण के लिए करोड़ों रुपये की लागत से ई-रिक्शा वितरित किए। तस्वीर सामने आ रही है कि ये तो चला गया. डांग जिले के ग्राम विकास विभाग के निदेशक एस. डी. ताबियार का ई-रिक्शा खरीद में बेखौफ भ्रष्टाचार देखने से ऐसा लगता है मानो इन विद्युत योजनाओं में विद्युतीकरण हो गया हो. डांग जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्व-निधि का अभाव है इसलिए ई-रिक्शा का नियमित रख-रखाव संभव नहीं हो सका है। नतीजा यह है कि कई गांवों में लाखों रुपये के उपकरण बेकार पड़े देखे जा रहे हैं. ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ जगहों पर ई-रिक्शा खराब हो गए हैं और कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि योजना बनाते समय ग्राम पंचायतों की वित्तीय क्षमता, रखरखाव लागत, ड्राइवर की व्यवस्था या बैटरी बदलने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई। नतीजा यह है कि लोकमुख में चर्चा है कि स्वच्छ भारत के नारे के तहत आवंटित करोड़ों रुपये जमीन पर नहीं बल्कि अधिकारियों की फाइलों में दिखाये गये हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ई-रिक्शा का वितरण फोटो सेशन और रिपोर्ट तक ही सीमित रहा है, जिसके बाद कोई मॉनिटरिंग नहीं की गई. यदि कचरा संग्रहण की सच्ची इच्छा थी तो पंचायतों को अलग से धन, तकनीकी सहायता और रख-रखाव की जिम्मेदारी आवंटित करनी चाहिए थी। आज स्थिति यह है कि करोड़ों की योजना विफल हो गयी है, न स्वच्छता में सुधार हुआ, न पंचायतें सशक्त हुईं और सरकारी पैसा बेकार हो गया. इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है और योजना के कार्यान्वयन में खामियों को उजागर कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. डांग जैसे पिछड़े और आदिवासी इलाकों में विकास के नाम पर अगर ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही लागू होंगी तो सरकार के भरोसे पर सवाल उठना तय है. वहीं बता दें कि हाल ही में सुरेंद्रनगर नगर के जिला कलेक्टर के खिलाफ ईडी जांच की मांग उठी है. मांग की गई है कि भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम विकास अभिकरण के निदेशक एसडी ताबियार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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Author: vatsalyanews

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