सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सेंगर को हाईकोर्ट से मिली ज़मानत पर रोक लगा दी है।

उत्तर प्रदेश के विवादित उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने CBI द्वारा गैंग रेप केस में सस्पेंडेड BJP नेता कुलदीप सेंगर को दी गई बेल को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अगली सुनवाई तक हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और कुलदीप सिंह सेंगर अभी जेल में ही रहेंगे। सुनवाई अब चार हफ्ते बाद होगी।

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कुलदीप सिंह सेंगर की तरफ से पेश वकीलों को फटकार लगाई और कहा कि झूठे बयान देने के बजाय आपको स्टे की बात करनी चाहिए। हम बेल पर स्टे लगाने के लिए तैयार हैं। अगर आप हाई कोर्ट की बेल जारी रखना चाहते हैं, तो हमें इसकी वजह बताएं।

जब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा था, तो CBI के वकील ने इस केस को भयानक बताया। CBI की तरफ से बहस करने के लिए तुषार मेहता कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि जब पीड़िता के साथ भयानक रेप हुआ, तब वह सिर्फ 15 साल की थी, जिसका मतलब है कि यह POCSO का मामला है। यह एक गंभीर जुर्म है और यह साबित भी हो चुका है, लेकिन हाई कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई और सेंगर को ज़मानत पर रिहा कर दिया।

दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट ने दिसंबर 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को रेप केस में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। इसके अलावा, पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत के मामले में भी उन्हें 10 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी। इस फ़ैसले को पीड़िता के लंबे और दर्दनाक संघर्ष के अंत में इंसाफ़ के तौर पर देखा गया था। हालांकि, दिसंबर 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को कंडीशनल ज़मानत दे दी थी, जिसका कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने विरोध किया था।

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Author: vatsalyanews

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