किडनी स्टोन बार-बार क्यों बनते हैं? डॉक्टर से जानें पानी से लेकर खान-पान तक कौन सी आदतें हैं जिम्मेदार

किडनी स्टोन की समस्या आजकल लोगों में तेजी से बढ़ी है। इसकी एक बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी और खान-पान से जुड़ी कुछ आदतें भी हो सकती हैं। मेट्रो ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स में नेफ्रोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजेश बंसल, कहते हैं कि इसलिए केवल पथरी का इलाज कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके दोबारा बनने की वजह को समझना भी जरूरी है। तो चलिए जानते हैं किडनी स्टोन बार-बार क्यों बनते हैं?

 

कौन सी वजहें हैं मुख्य रूप से ज़िम्मेदार?

  • पानी कम पीना: कम पाने पीने से किडनी स्टोन की समस्या बढ़ जाती है। दरअसल, जब शरीर को पानी नहीं मिलता, तो यूरिन में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सलेट आपस में जुड़कर क्रिस्टल बना सकते हैं, जो धीरे-धीरे स्टोन का रूप ले सकते हैं। जिन लोगों को पहले पथरी हो चुकी है, उन्हें खासतौर पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत बनाए रखनी चाहिए।

  • ज्यादा नमक का सेवन: डाइट में जरूरत से ज्यादा नमक लेना भी किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए पैकेज्ड फूड, चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स और ज्यादा नमक वाले प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी सीमित करना चाहिए।

  • ज्यादा मीट और प्रोटीन: रेड मीट और कुछ पशु आधारित प्रोटीन का बहुत ज्यादा सेवन भी कुछ लोगों में स्टोन बनने की संभावना बढ़ा सकता है। ऐसे भोजन से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है और यूरिक एसिड स्टोन का खतरा बढ़ सकता है। 

  • ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थ: कुछ किडनी स्टोन कैल्शियम ऑक्सलेट से बनते हैं। पालक, चुकंदर, कुछ नट्स, चॉकलेट और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा ज्यादा होती है। जिन लोगों में कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बार-बार बनते हैं, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार अपनी डाइट में जरूरी बदलाव करने चाहिए।

  • वजन और लाइफस्टाइल का असर: मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और असंतुलित डाइट भी किडनी स्टोन के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। लंबे समय तक बैठे रहना, पर्याप्त पानी न पीना और ज्यादा नमक-चीनी वाले प्रोसेस्ड फूड का सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकता है।

बार-बार स्टोन हो तो जांच जरूरी

अगर किसी व्यक्ति को बार-बार किडनी स्टोन हो रहा है, तो केवल दर्द की दवा या हर बार स्टोन निकलने का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट और स्टोन की जांच के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि पथरी किस प्रकार की है?

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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Author: vatsalyanews

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