तारीख: 02/02/2026/ बावलिया उमेशभाई सुरेंद्रनगर
पाटडी के किसानों ने कई बार बताने के बाद भी नर्मदा डिपार्टमेंट के एक्शन न लेने पर खुद ही खाराघोड़ा ब्रांच कैनाल की सफाई की। इस सफाई के दौरान करीब तीन ट्रैक्टर जितना कचरा निकाला गया। पाटडी से गुजरने वाली खाराघोड़ा ब्रांच कैनाल में भारी गंदगी जमा होने की वजह से आगे के इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इस दिक्कत की वजह से नर्मदा का पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे फसलों को नुकसान होने का डर था। लोकल किसानों ने इस बारे में कई बार नर्मदा डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बात की थी। किसानों ने JCB मशीनों और मजदूरों से कैनाल की अच्छी तरह सफाई करवाने की रिक्वेस्ट की थी, लेकिन आज तक एडमिनिस्ट्रेशन ने कोई एक्शन नहीं लिया। किसानों को अपनी फसलों के लिए आखिरी पानी की सख्त जरूरत थी। कैनाल में गंदगी की वजह से आगे के इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था, इसलिए किसानों ने खुद ही कैनाल की सफाई करने का फैसला किया, जिससे “जाट शराब जिंदाबाद” का नारा सही साबित हो रहा है। पाटडी के किसान मनीष दशरथभाई पटेल ने कहा कि अधिकारियों के आंखें मूंद लेने की वजह से किसान परेशान हैं। कई बार बताने के बाद भी, पाटडी झील के पास खाराघोड़ा ब्रांच नहरों में जमा गंदगी हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुस्साए किसानों ने फावड़े और कुदाल जैसे औजारों से नहरों की सफाई शुरू कर दी। इस अपने आप शुरू हुए सफाई अभियान से नहरों से बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया ताकि पानी का बहाव साफ हो सके। पाटडी के किसान नवघन चेलाजी ठाकोर ने कहा कि नर्मदा विभाग नहरों से कचरा नहीं हटा रहा है, लेकिन इस इलाके के सभी किसान मिलकर नहरों से कचरा हटाने में जुट गए हैं, जिसमें तीन से चार ट्रैक्टर भरकर लाए गए हैं और किसानों को नहरों से यह सारा कचरा हटाने में पूरा एक हफ्ता लगेगा।








