भरूच ममलतदार ऑफिस (रूरल) ने ‘कंचन’ प्रोजेक्ट के तहत घरेलू कचरे से खाद बनाने पर एक वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ की।

समीर पटेल, भरूच

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100 से ज़्यादा लोगों को मुफ़्त में कम्पोस्ट बिन और किट बांटे गए

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भरूच: रविवार – पर्यावरण को बचाने और ‘वेस्ट टू बेस्ट’ तरीके को कामयाब बनाने के नेक मकसद से, ज़िला प्रशासन ने ‘कंचन’ प्रोजेक्ट के तहत ममलतदार ऑफिस भरूच में एक खास वर्कशॉप रखी। ममलतदार श्री भरूच (रूरल) की गाइडेंस में हुए इस प्रोग्राम में घर के गीले कचरे से ऑर्गेनिक खाद (कम्पोस्ट) बनाने के तरीके के बारे में डिटेल में बताया गया।

इस मौके पर ममलतदार श्री (रूरल) माधवी मिस्त्री ने कहा कि अगर हर नागरिक अपने घर के लेवल पर वेस्ट मैनेजमेंट शुरू कर दे, तो शहर की सफाई में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। ‘कंचन’ प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद कचरे को वेल्थ में बदलकर पर्यावरण को बचाना है।
लोगों को किचन के कचरे को फेंकने के बजाय उसका इस्तेमाल करके अच्छी क्वालिटी की कम्पोस्ट बनाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। साथ ही, प्रोजेक्ट ‘कंचन’ को बढ़ावा देने के लिए मौजूद लोगों को 100 से ज़्यादा कम्पोस्ट बीन्स और कम्पोस्टिंग किट बांटे गए।

इस वर्कशॉप में इनर व्हील क्लब ऑफ़ भरूच और मॉम्स ऑफ़ भरूच जैसे बड़े सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और भरूच के बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक मौजूद थे।

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Author: vatsalyanews

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