ईरान में आर्थिक संकट के नाम पर शुरू हुआ आंदोलन लगातार हिंसक रूप लेता जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर शुरू हुए आंदोलन में अब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को पद से हटाने की मांग उठ रही है। ऐसे में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान को ‘आजादी’ दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है।
ईरान के अलग-अलग शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में कई लोगों के मरने का भी डर है। हालात को काबू में करने के लिए 7 जनवरी से इंटरनेट और मोबाइल सर्विस पर रोक लगा दी गई है। तेहरान, तबरीज़, मशहद समेत 100 शहरों में भयंकर हिंसा हो रही है। दूसरी ओर, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इस आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाया है। ईरानी सरकार ने चेतावनी दी है कि आंदोलन में शामिल लोग ‘खुदा के दुश्मन’ हैं और उन्हें मौत की सज़ा भी दी जा सकती है।
अमेरिका भी लगातार ईरानी आंदोलन का सपोर्ट कर रहा है। हाल ही में US के सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो ने प्रदर्शनकारियों को अपना सपोर्ट देने का ऐलान किया था। ऐसे में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरानी सरकार को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका सत्ता बदलने में मदद करेगा, हम ईरान को ‘आज़ाद’ करने के लिए तैयार हैं।
ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने अपील की है कि लोगों को अब शहर की मुख्य जगहों पर कब्ज़ा कर लेना चाहिए। पहलवी ने शनिवार को कहा कि हमारा मकसद सिर्फ़ सड़कों पर उतरना नहीं है। शहरों के मुख्य सेंटर्स पर कब्ज़ा करें। पूरे देश में बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किए जाने चाहिए ताकि मौजूदा अधिकारियों पर दबाव बढ़ाया जा सके। इकॉनमी से जुड़े कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना चाहिए। अगर ट्रांसपोर्ट, तेल, गैस समेत सेक्टर्स के कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया तो सरकार घुटनों पर आ जाएगी। पहलवी ने इंटरनेशनल सपोर्ट की भी मांग की है। और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से दखल देने की अपील की है।
बड़े पैमाने पर हिंसा की वजह से ईरान में स्कूल और कॉलेज भी बंद हैं, पढ़ाई ऑनलाइन दी जा रही है। विरोध कर रहे लोगों को ईरानी सरकारी टीवी चैनल पर आतंकवादी कहकर बुलाया जा रहा है। सरकारी टीवी चैनल ने कहा कि आतंकवादियों ने हथियारों से कई जगहों पर हमला किया और आग लगा दी।
गौर करने वाली बात है कि ये विरोध प्रदर्शन ईरान की इकॉनमी की चिंताजनक हालत की वजह से शुरू हुए थे। एक डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत 1.4 मिलियन तक पहुंच गई है। विरोध कर रहे लोग ‘इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद’, ‘मुल्लाओं को जाना चाहिए’ जैसे नारे लगा रहे हैं।










