शिक्षा के साथ संवेदनशीलता का संदेश – शेरगढ़ प्राथमिक विद्यालय में उत्तरायण का अनूठा उत्सव इस वर्ष शेरगढ़ प्राथमिक विद्यालय में उत्तरायण का उत्सव परंपरागत तरीके से नहीं बल्कि मानवता, करुणा और संस्कृति से परिपूर्ण एक अनोखे तरीके से मनाया गया। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों ने गेहूं, गुड़ और तेल से पारंपरिक लड्डू बनाए और उन्हें गांव के कुत्तों और छोटे पिल्लों को प्यार से वितरित किया। इस सुंदर पहल के माध्यम से बच्चों को दया, सहानुभूति और दयालुता के मूल्यों की जीवंत शिक्षा मिली। शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर परंपरा और संस्कृति को जीवित रखते हुए त्योहार की सच्ची मिठास का आनंद लिया। बच्चों के चेहरों पर चमकती खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था, वहीं शिक्षकों के साथ बैठकर त्योहार मनाने की खुशी भी अनूठी थी। यह पूरा कार्यक्रम शेरगढ़ प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्यश्री अमरतभाई जे. देसाई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। अरविंदसिंह चौहान, कमलेशभाई प्रजापति, कल्पेशभाई वैद्य, रफीकभाई, प्रवीणभाई पटेल, युवराजसिंह चौहान, छायाबेन डगला, मंजुलाबेन चौधरी और मुस्ताकभाई ने प्रोग्राम को सफल बनाने में पूरे जोश के साथ सहयोग किया। शेरगढ़ प्राइमरी स्कूल की यह पहल न सिर्फ उत्तरायण का जश्न है, बल्कि बच्चों के हर तरह के विकास के लिए एक बेहतरीन मिसाल भी है, जो समाज को इंसानियत और संवेदनशीलता का एक मज़बूत संदेश देती है। भारत ठाकोर भीलडी









