नए बने वाव-थराद जिले के हेडक्वार्टर थराद में ऐसी हालत सामने आई है कि शराब और ड्रग्स के बाद अब युवाओं ने नशे के लिए एक नया और खतरनाक तरीका ढूंढ लिया है। गंभीर आरोप सामने आए हैं कि थराद पंथक में मेडिकल दुकानों पर बिना किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कोफेड्रिन-टी नाम का नशीला सिरप खुलेआम बेचा जा रहा है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि इस सिरप की दो बोतलें पीने से शराब जैसा तेज़ नशा होता है। नतीजतन, युवाओं के नशे में सड़कों पर घूमने, घरों में लड़ने और घर में घुसकर मारपीट करने के मामले बढ़ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि थराद शहर और हाईवे इलाकों के पेड़ों की जालियों में कोफेड्रिन-टी सिरप की खाली बोतलें बेतरतीब ढंग से देखी जा रही हैं। इतना ही नहीं, चाय की भट्टियों और पब्लिक जगहों के पास भी ऐसी बोतलें देखी जा रही हैं, जो नशे का साफ सबूत दे रही हैं।
दावा किया जा रहा है कि शहर में कई ऐसी मेडिकल दुकानें हैं जहां सुबह और शाम को बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कोफेड्रिन-टी सिरप बेचा जा रहा है। चर्चा यह भी है कि नियम के मुताबिक फार्मासिस्ट न होने के बावजूद दुकानों में चहल-पहल है।
इस पूरी घटना को लेकर एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ऐसे मेडिकल माफियाओं को किसका आशीर्वाद मिला हुआ है? देखना यह है कि मेडिकल डिपार्टमेंट के ड्रग्स इंस्पेक्टर और डिस्ट्रिक्ट SOG. पुलिस इस गंभीर मामले पर कब और कैसे एक्शन लेती है।
क्या सिस्टम युवाओं के भविष्य के साथ खेले जा रहे इस नशे के खेल पर सख्त एक्शन लेगा या थराद में कोफेड्रिन-टी सिरप का नशा और बढ़ेगा—यह बात चर्चा का विषय बन गई है।









