वात्सल्यम समाचार
मदन वैष्णव
आहवा कस्बे के गांववालों ने डांग स्वराज आश्रमशाला की मैनेजिंग डायरेक्टर के पति के खिलाफ रैली निकाली और सख्त कार्रवाई की मांग की।
डांग जिले के हेडक्वार्टर आहवा में मौजूद मशहूर ‘डांग स्वराज आश्रमशाला’ में इंसानियत और शिक्षा की दुनिया को कलंकित करने वाली एक बहुत ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। आदिवासी बच्चों के सुनहरे भविष्य और सुरक्षा का प्रतीक माने जाने वाले इस संस्थान में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं, जिससे पूरे जिले में भारी हंगामा मचा हुआ है। ऐसा लग रहा है कि 15 साल की लड़की पर हुए इस अत्याचार के विरोध में आज बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। और उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के मुताबिक, इस घटना की प्लानिंग करीब सात से आठ दिन पहले की गई थी। आश्रम की महिला हेड जागृतिबेन नायक के पति प्रफुल्लभाई नायक ने नाबालिग की मजबूरी का फायदा उठाया। आश्रम में कुक का काम करने वाली सोनलबेन नाम की एक महिला ने इस साज़िश में मदद की। सोनलबेन ने सगीरा को किचन में काम होने की बात कहकर अपने भरोसे में लिया और फिर उसे एक गिलास पानी में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जैसे ही सगीरा बेहोश हुई, प्रफुल नायक उसे उठाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ ज़बरदस्ती सेक्स किया और उसका रेप किया। इस मामले में आहवा पुलिस स्टेशन के पी.आई.आर.एस. पटेल ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी प्रफुलभाई नायक और असिस्टेंट कुक सोनलबेन के खिलाफ POCSO एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सगीरा का मेडिकल चेकअप कराने और उसका बयान दर्ज करने का काम तेज़ कर दिया गया है। यह घटना सामने आते ही डांग के आदिवासी समुदाय और गांववालों में भारी गुस्सा फैल गया। आज बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और डांग MLA विजय पटेल से इंसाफ की गुहार लगाई। इसके बाद गांववालों ने आरोपियों को सख्त से सख्त सज़ा देने की मांग को लेकर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को अर्ज़ी भेजी है। MLA विजय पटेल ने कहा कि यह घटना डांग जिले के लिए बहुत दुखद और शर्मनाक है। जिस संस्था में माता-पिता अपनी बेटियों को सुरक्षित मानकर पढ़ने भेजते हैं, वहां ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मुझे जहां भी पेश होना पड़ेगा, मैं जाऊंगा। आश्रम के मैनेजमेंट बोर्ड से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति के शामिल होने से आम जनता में हलचल मच गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच की जाए और अपराधियों को ऐसी सजा दी जाए जो समाज में एक मिसाल कायम करे। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे डांग पंथक में भीषण आग जैसी स्थिति देखी जा रही है।









