कल कुछ किसानों ने छोटा उदयपुर जिले के कलेक्टर को एक अर्जी दी। इसमें शिकायत की गई कि बोडेली मार्केट यार्ड में कपास बेचने आने वाले किसानों से फीस ली जा रही है और कपास को गीला बताकर बेचा जा रहा है। किसानों ने अपनी अर्जी में कहा कि वे अपने खेतों में पके हुए कपास को बेचने के लिए बोडेली मार्केट यार्ड लाते हैं, जहां व्यापारी कीमत तय करके उसे खरीद लेते हैं। उसके बाद, संबंधित जिनिंग फैक्ट्री में किसान के खर्चे पर कपास की सफाई की जाती है और वहां डेढ़ से दो परसेंट फीस ली जाती है और कपास को गीला या कमजोर बताकर बेच दिया जाता है। इन शिकायतों को देखते हुए आज बोडेली APMC के चेयरमैन वलजीभाई बारिया और वाइस चेयरमैन यशपाल सिंह ठाकोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि बोडेली मार्केट यार्ड में कपास सरकार की पॉलिसी, नियम और कानून के हिसाब से ही खरीदा जाता है और APMC की तरफ से किसी भी तरह की लेन-देन या रिश्वत नहीं दी जाती है। APMC अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी किसान के साथ किसी ब्रोकर या व्यापारी ने गलत किया है, तो वह किसान तुरंत मार्केट कमेटी से संपर्क करे। अगर ऐसी शिकायत साबित होती है, तो संबंधित ब्रोकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अगर ज़रूरी हुआ, तो लाइसेंस कैंसिल करने की कार्रवाई की जाएगी। बोडेली APMC ने किसानों को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई और किसानों से बिना डरे अपनी शिकायतें बताने की अपील की।
रिपोर्टर तोसिफ खत्री








