हम बंगाल जीतेंगे, केंद्र में भाजपा सरकार 2029 तक नहीं टिकेगी: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गरमागरमी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र की BJP सरकार पर सीधा हमला बोला है। कोलकाता में हुई एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी 2029 तक केंद्र की सत्ता में नहीं रह पाएगी। उन्होंने कहा कि BJP कितनी भी कोशिश कर ले, बंगाल में उसका कोई भविष्य नहीं है और अगले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आएगी।

ममता बनर्जी ने पूरे भरोसे के साथ कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत पक्की है। उन्होंने कहा कि बंगाल जीतने के बाद उनकी नज़र दिल्ली पर भी होगी। उनके शब्दों में, अगर BJP देश पर राज करना चाहती है, तो उसे पहले बंगाल जीतना होगा, जो उनके लिए नामुमकिन है। उन्होंने आगे कहा कि BJP अब भारत पर राज करने के लायक नहीं रही और लोग धीरे-धीरे यह बात समझ रहे हैं।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने अपने MP कल्याण बनर्जी को निर्देश दिया कि अब आने वाले विरोध का केंद्र चुनाव आयोग होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियां ​​लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब दिल्ली से लेकर कोलकाता तक पॉलिटिकल टेंशन चरम पर है। गुरुवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में 15 जगहों पर रेड मारी। कोलकाता में I-PAC कंपनी पर ED की कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने और पॉलिटिकल रंग ले लिया। रेड की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद I-PAC ऑफिस पहुंच गईं।

इस घटना ने पॉलिटिकल गलियारों में खूब चर्चा बटोरी। ममता बनर्जी कुछ फाइलें लेकर ऑफिस से बाहर निकलीं और बाद में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तृणमूल कांग्रेस की प्राइवेट और स्ट्रेटेजिक जानकारी चुराने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि यह कार्रवाई पॉलिटिकल बदले के लिए की जा रही है। ममता बनर्जी ने इस पूरी घटना के विरोध में शुक्रवार को पूरे बंगाल में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। जादवपुर के 8B बस स्टैंड से शुरू हुई रैली में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां खुद ममता बनर्जी ने ED के खिलाफ मोर्चा संभाला।

दूसरी तरफ, यह मामला कोर्ट-कचहरी तक भी पहुंच गया है। ED की रेड से जुड़े केस की सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में होनी थी, लेकिन कोर्ट रूम में भारी हंगामे के बाद सुनवाई टाल दी गई। अब इस केस की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी, जिससे पॉलिटिकल और लीगल सर्कल में उत्सुकता बढ़ गई है। दूसरी पॉलिटिकल पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर रिएक्शन दिया है। CPI जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने कहा कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली में जो हो रहा है, उससे कई सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यह जवाब देना ज़रूरी है कि ED अब तक क्या कर रही थी और अचानक ऐसी कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने यह भी पूछा कि चुने हुए मुख्यमंत्री ने फाइलें वापस क्यों लीं।

पूरे घटनाक्रम से यह साफ़ है कि पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल टकराव और तेज़ होता जा रहा है। एक तरफ ममता बनर्जी BJP के खिलाफ़ आक्रामक रुख अपना रही हैं, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार की एजेंसियों की कार्रवाई से पॉलिटिकल टकराव और गहरा होता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद का बंगाल की पॉलिटिक्स के साथ-साथ नेशनल पॉलिटिक्स पर भी बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

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Author: vatsalyanews

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