इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने 36 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। करीब 11 साल तक इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी की पहचान रहे वुड ने अपने करियर में दो वर्ल्ड कप और 2015 एशेज सीरीज जीतने का गौरव हासिल किया। लगातार चोटों से जूझने के बाद उन्होंने आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई लेने का फैसला किया। वुड ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट डेब्यू किया था। 38 टेस्ट मैचों में उनके नाम 119 विकेट रहे। वहीं, 70 ODI में उन्होंने 80 और 38 T20 इंटरनेशनल मैचों में 54 विकेट हासिल किए। वह इंग्लैंड के लिए T20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में छठे स्थान पर हैं।
वर्ल्ड कप जिताने में निभाई अहम भूमिका
मार्क वुड के करियर की सबसे खास उपलब्धियों में इंग्लैंड के दो वर्ल्ड कप खिताब शामिल रहे। 2019 में घरेलू मैदान पर खेले गए ODI वर्ल्ड कप में उन्होंने 18 विकेट चटकाए थे। अपनी 95 मील प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली गेंदों से उन्होंने बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में साइड स्ट्रेन के बावजूद उन्होंने गेंदबाजी की थी। यह मुकाबला सुपर ओवर तक गया था, जिसमें इंग्लैंड ने रोमांचक जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। 2022 के T20 वर्ल्ड कप में भी वुड इंग्लैंड की टीम का हिस्सा थे। ऑस्ट्रेलिया में खेले गए इस टूर्नामेंट में उन्होंने चार मैचों में 9 विकेट झटके और इंग्लैंड को दूसरी बार T20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
एशेज में गेंद से किया कमाल
2015 एशेज में भी वुड के नाम कई यादगार पल रहे। उन्होंने ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह विकेट लिया था, जिसने इंग्लैंड की सीरीज जीत पर मुहर लगाई। 2023 में टेस्ट टीम में वापसी के बाद हेडिंग्ले में उनकी तूफानी गेंदबाजी ने इंग्लैंड को 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी का मौका दिया। आखिरकार वह एशेज सीरीज 2-2 से बराबर करने में सफल रहा। हालांकि, करियर के आखिरी दौर में चोटें वुड के लिए बड़ी चुनौती बन गईं। पिछले साल नवंबर में पर्थ में एशेज टेस्ट के दौरान चोटिल होने के बाद वह दोबारा मैदान पर नहीं लौट सके। मेडिकल सलाह के बाद उन्हें बताया गया कि टेस्ट और 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी संभव नहीं है।
इंग्लैंड के लिए खेलना सपना सच होने जैसा
संन्यास के फैसले पर वुड ने कहा कि उन्होंने हमेशा चोट से वापसी कर खुद को साबित करने की कोशिश की, लेकिन इस बार वह जंग हार गए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और एक सपना सच होने जैसा था। दुनिया घूमना, शानदार लोगों से मिलना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना ऐसी चीज है, जिसे हासिल करने के लिए वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं। इंग्लैंड के मेन्स क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने भी वुड के करियर को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि एशेज सीरीज की जीत और वर्ल्ड कप में टीम के लिए अंतर पैदा करने के साथ-साथ वुड ने जब भी गेंद हाथ में ली, दर्शकों को रोमांचित किया।
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