Amazon, Zepto समेत 5 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, जानिए क्या है पूरा माजरा?

अगर आप भी राशन या खाने-पीने का सामान मंगाने के लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट या जेप्टो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों के उल्लंघन, भ्रामक दावों और प्रतिबंधित खाने-पीने की चीजों की बिक्री को लेकर देश के 5 बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कड़ा रुख अपनाया है। FSSAI ने इन कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

खाद्य नियामक FSSAI ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि उसने देश के पांच प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अमेजन, फ्लिपकार्ट इंडिया, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट और जेप्टो के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। नियामक के मुताबिक, ये कंपनियां नियमों की अनदेखी करने, भ्रामक दावे करके सामान बेचने और सेहत के लिए हानिकारक या प्रतिबंधित खाने-पीने की चीजों को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित करने और बेचने में दोषी पाई गई हैं।

किन-किन प्रोडक्ट्स को लेकर शुरू हुई कार्रवाई?

FSSAI द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, अलग-अलग प्रोडक्ट्स और दावों को लेकर इन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की जा रही है:

  • ‘हप्पिलो प्रीमियम डेट बाइट्स’ पर भ्रामक दावे: अमेजन, फ्लिपकार्ट इंडिया, स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो और बिगबास्केट इन सभी पांचों कंपनियों पर ‘Happilo हप्पिलो प्रीमियम डेट बाइट्स – जेस्टी ऑरेंज’ नामक प्रोडक्ट से जुड़े गलत और भ्रामक दावों के कारण दंडात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
  • डेयरी प्रोडक्ट्स से जुड़ी गड़बड़ी: स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर ‘मिल्की मिस्ट’ ब्रांड के कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स (लो फैट क्रीम, फार्म फ्रेश दही और ग्रीक योगर्ट) के संबंध में गैर-अनुपालन और भ्रामक जानकारी प्रदर्शित करने का आरोप है।
  • घातक ‘धतूरा’ की बिक्री: सबसे गंभीर मामला अमेजन सेलर सर्विसेज, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट में देखने को मिला है। इन प्लेटफॉर्म्स पर ‘धतूरा’ (Datura) के फल और बीजों की बिक्री और प्रदर्शन पाया गया, जो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) के प्रावधानों का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए FSSAI की सख्त निगरानी

पिछले छह महीनों में FSSAI ने ई-कॉमर्स कंपनियों और खाद्य कारोबारियों (FBOs) के खिलाफ अपनी जांच और कानूनी कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। नियामक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और उन्हें भ्रामक विज्ञापनों से बचाना है। FSSAI अब अपने इन फैसलों और कार्रवाइयों की जानकारी सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचा रहा है ताकि ग्राहक जागरूक रहें। फिलहाल इस मामले पर इन ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इनपुट- PTI

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Author: vatsalyanews

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