ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है और इस बीच जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक तेलुगू एक्शन मूवी की क्लिप के जरिए ट्रोल किया है, जिसमें तेलुगू एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण बंदूक की गोलियों से बचते हुए दिखाई दे रहे हैं। Iran’s Embassy in Zimbabwe ने डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को खत्म करने की धमकी का मजाक उड़ाया है। इसके अलावा, ये भी कहा है कि ईरान बेबस नहीं है।
ईरानी दूतावास का ट्रंप पर ‘मीम वार’
जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने अमेरिका और उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मीम्स के जरिए निशाना बनाने के सिलसिले को जारी रखते हुए तंज कसा कि लगता है ट्रंप, हॉलीवुड की जगह बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं। Iran’s Embassy in Zimbabwe ने एक्स पर तेलुगू मूवी का क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ट्रंप ईरान को पूरी तरह खत्म करने की बात करते हैं। लेकिन उन्हें पता है कि ईरान बेबस नहीं है। जब से हमने बताया है, तब से वे हॉलीवुड के बजाय बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं।’
ईरानी दूतावास ने शेयर की एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण की मूवी की क्लिप
जान लें कि जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने ‘भगवंत केसरी’ फिल्म की 58 सेकंड की क्लिप शेयर की है, जिसमें एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण दिख रहे हैं। इस क्लिप में हथियारों से लैस दो गुट एक-दूसरे पर बंदूक की गोली और अलग-अलग चीजों से हमला कर रहे हैं। फिर भी भारी गोलीबारी के बावजूद एक्टर को कुछ नहीं होता है।
पोस्ट के कॉमेंट में सोशल मीडिया यूजर्स ने भी लिए मजे
जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास के इस X पोस्ट पर खूब मजेदार रिएक्शन भी आए हैं। एक यूजर ने पोस्ट के कॉमेंट में लिखा, ‘ताऊ, नाराज हो जाएगा ये वीडियो देखकर।’ वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि ईरान के दूतावास ने अभी-अभी बालकृष्ण की फिल्म का एक जबरदस्त सीन शेयर किया है और उसे ‘विदेश नीति’ बताया है। हॉलीवुड घबरा रहा है और टॉलीवुड UN में अगली स्पीच की बुकिंग कर रहा है।
ईरान भी बल्लैया बाबू का फैन है!
दूसरे यूजर ने लिखा, ‘यह मीम भारत से है। ईरान भी बल्लैया बाबू का फैन है।’ वहीं एक और यूजर ने लिखा कि ईरान बॉलीवुड देख रहा है? ऐसा ही रहा तो, अगला डिप्लोमेटिक स्टेटमेंट इस तरह शुरू होगा- ‘मेरे पास मिसाइल है… तुम्हारे पास क्या है?’
ट्रंप प्रशासन पर अमेरिका के पूर्व NSA ने उठाए सवाल
उधर, अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप प्रशासन को इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर पर कोसा है। उनकी पॉलिसी पर सवाल उठाए थे। बोल्टन से साफ कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास कोई ठोस क्षेत्रीय रणनीति नहीं है। साथ ही, जियोपॉलिटिकल मुद्दों को ट्रंप प्रशासन अलग-अलग करके देखता है।
https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/09/iran-embassy-trolls-trump-1790217210.jpg









