असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “कैबिनेट ने दुर्गा पूजा के मौके पर तोहफ़े के तौर पर, अक्टूबर महीने के लिए ‘अरुनोदोई’ योजना के लाभार्थियों को रेगुलर 1250 रुपये की ग्रांट के बजाय 1500 रुपये देने का फ़ैसला किया है…” उन्होंने यह भी कहा, “राज्य कैबिनेट ने आज असम टी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ATCL) के चाय बागानों के योग्य मज़दूरों और कर्मचारियों को 20% बोनस देने को मंज़ूरी दी। कैबिनेट ने पूजा की छुट्टियों के तौर पर पहले से तय चार दिनों के अलावा 17 अक्टूबर, 2026 को भी दुर्गा पूजा की छुट्टी देने का फ़ैसला किया है…”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “हम नवंबर में मिसिंग ऑटोनॉमस काउंसिल और सोनोवाल ऑटोनॉमस काउंसिल के चुनाव कराएंगे, और ये दोनों चुनाव बिना किसी पार्टी के होंगे…” असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “जब मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव आयुक्त अल्पमत में हों, तो चुनाव आयोग कोई फ़ैसला नहीं ले सकता। चुनाव आयोग का हर फ़ैसला बहुमत से लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक सामूहिक संस्था है। इसलिए, देश भर में यह संदेश फैलाना कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एकतरफ़ा फ़ैसले लिए हैं, संवैधानिक ढांचे के मुताबिक नहीं है।
विचार-विमर्श से पहले लिए गए फ़ैसले अलग बात हैं, लेकिन चुनाव आयोग का कोई भी फ़ैसला आम सहमति या बहुमत की राय से ही लिया जाता है। इसीलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना एक राजनीतिक अभियान है; मुझे नहीं लगता कि मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों से सलाह लिए बिना कोई फ़ैसला ले सकते हैं। इस तरह, मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना सिर्फ़ विपक्ष और ‘दिमागी नक्सलियों’ की हताशा को दिखाता है।”









