तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.रेवंत रेड्डी ने सोमवार को दिल्ली में एक मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि ”शिव गरीबों के भगवान हैं, राम अमीरों के भगवान हैं और भाजपा अमीरों की पार्टी है।” रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव की तुलना को लेकर की टिप्पणी पर तीखा हमला बोलते हुए इस बयान विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हिंदू समाज को बांटने में ”कोई कसर नहीं छोड़ी” है और रेड्डी का बयान हिंदू आस्था पर घोर निंदनीय हमला है।
भाजपा ने राम को चुरा लिया, विहिप ने दिया जवाब
रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि कांग्रेस सिर्फ दक्षिण में सफल है, लेकिन उत्तरी राज्यों में संघर्ष करती है क्योंकि ”भाजपा ने भगवान राम को चुरा लिया है, जिन्हें उत्तर में पूजा जाता है, जबकि दक्षिणी राज्यों में शिव की पूजा होती है।” उनकी इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की ”फूट डालो और राज करो” की नीति पर चलते हुए कांग्रेस ने पिछले 76 वर्षों में हिंदू समाज को जाति, पंथ, संप्रदाय, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांटने की पूरी कोशिश की है।
बंसल ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
बंसल ने आगे कहा, कांग्रेस के डूबते हुए जहाज के अंतिम यात्री के रूप में पार्टी के नेता इतने नीचे गिर जाएंगे कि हिंदू देवी देवताओं को भी बांटने लग जाएंगे, यह किसी ने कोई कल्पना नहीं की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राम को अमीरों का भगवान और भोलेनाथ को गरीबों का भगवान बताना हिंदू देवी-देवताओं को भी बांटने की एक कोशिश है। बंसल ने हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों को लेकर भी उन पर निशाना साधा।
बंसल ने कहा-माफी कब मांगेंगे
उन्होंने सवाल किया कि ऐसे हालात में हिंदू समाज कांग्रेस से क्या उम्मीद कर सकता है। बंसल ने रेड्डी के उस कथित बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था: ”कांग्रेस का मतलब मुस्लिम और मुस्लिम का मतलब कांग्रेस। लेकिन ये समझ नहीं आया कि सनातन को समाप्त करने की बात करने वाले अचानक शिव भक्ति का राग क्यों अलापने लगे! कांग्रेस आलाकमान को स्पष्ट करना चाहिए की क्या आप जिहादी तुष्टीकरण के लिए हिंदू आस्था पर किए इस निकृष्टतम प्रहार पर माफी मांगेंगे कि नहीं?”








