स्ट्रेस महिलाओं की Gynecological Health के लिए है कितना खतरनाक? डॉक्टर ने शेयर की जरूरी जानकारी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर महिला का साथी बन चुका है। ऑफिस के काम का दबाव, घर-परिवार की ज़िम्मेदारियाँ और तमाम अपेक्षाएँ महिलाओं के शरीर पर गहरा असर डालती हैं। लगातार तनाव में रहने से सिर्फ मानसिक सेहत ही भंग नहीं होती है बल्कि आपकी गायनेकोलॉजिकल हेल्थ भी खराब होने लगती है। दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्का दहिया, कहती हैं कि कई महिलाएं तो यह भी नहीं जानतीं कि लंबे समय तक बने रहने वाला तनाव उनके बच्चे पैदा करने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। 

लगातार तनाव में रहने से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण महिलाएँ कई समस्याओं का सामना कर सकती हैं जैसे अनियमित या देर से आने वाले पीरियड्स, भारी या दर्दनाक मेस्ट्रुअल साइकिल, गर्भधारण की संभावना में कमी। डॉक्टर कहती हैं कि तनाव सीधे तौर पर किसी गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता। लेकिन इसका मुख्य खतरा यह है कि महिलाएँ लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से मिलने में देरी कर देती हैं, जिससे समस्याएँ अंदर ही अंदर बढ़ती रहती हैं।

तनाव कंट्रोल करने से मिलेंगे ये फायदे

तनाव को कंट्रोल में रखकर आप अपनी हेल्थ को बेहतर कर सकती हैं। रोज़ाना सात से आठ घंटे की सुकून भरी नींद लें। रोज एक ही समय पर उठना, खाना और सोना जैसी आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें। हर रोज टहलना या हल्के व्यायाम नियमित रूप से करें। रोज़ाना कम से कम दस मिनट ध्यान लगाएं और गहरी साँस लेने वाले अभ्यास करें।

कब हो जाएं सावधान?

यदि पीरियड्स लगातार तीन महीने तक बंद रहे, बहुत अधिक खून बहे,या साइकिल अचानक बहुत बदल जाए, तो तुरंत किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें। पुराना और अनियंत्रित तनाव महिलाओं की मेस्ट्रुअल साइकिल और संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। अच्छी नींद, सही दिनचर्या, संतुलित खान-पान और हल्की कसरत स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। समय पर ध्यान देने से कई बड़ी परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है। इसके अलावा योग और सकारात्मक सोच से तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है जो स्वस्थ जीवन के लिए बेहद ज़रूरी है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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Author: vatsalyanews

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