हार्ट अटैक आज के समय में हेल्थ से जुड़ी बहुत कॉमन समस्या बन चुकी है। कम उम्र में ही लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। न केवल यंगस्टर्स और बूढ़े बल्कि बच्चों की भी हार्ट अटैक से मौत हो रही है। आपको बता दें कि हर साल हार्ट अटैक से 28.6 लाख भारतीयों की जान चली जाती है। ऐसे में इससे बचने के लिए जरूरी है कि इसके कॉमन लक्षण को पहचानें और अस्पताल जाने से पहले घर पर ही कुछ जरूरी चीजें करनी चाहिए ताकि मरीज को बचाया जा सके। डॉ. हरनिश सिंह भाटिया, सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी, फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा बता रहे हैं हार्ट अटैक के कॉमन लक्षण क्या है और अस्पताल जाने से पहले क्या करना चाहिए।
क्या कहते हैं डॉक्टर
हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों तक ब्लड पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में अचानक रुकावट हो जाती है। ऐसे में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है जितनी जल्दी इलाज मिले, हृदय की मांसपेशियों को उतना ही कम नुकसान होता है। अगर इसके सामान्य लक्षण की बात करें सीने में दर्द या दबाव है। मरीज को सीने में जकड़न, भारीपन, जलन या दबाव जैसा महसूस हो सकता है। यह दर्द अक्सर कुछ मिनटों से अधिक रहता है या आता-जाता रहता है और बाएं हाथ, दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। इसके साथ ही सांस फूलना, ठंड लगना, पसीना, मितली या उल्टी, चक्कर, बहुत ज्यादा कमजोरी और बेचैनी भी हो सकती है। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में कभी-कभी सीने में दर्द के बजाय सिर्फ सांस फूलना, कमजोरी, अपच या असामान्य थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं।
हॉस्पिटल जाने से पहले करें ये काम
अगर हार्ट अटैक का संदेह हो तो सबसे जरूरी है समय बर्बाद न करना। मरीज को तुरंत बैठाएं या आराम की स्थिति में रखें और एंबुलेंस/इमरजेंसी मेडिकल सहायता को कॉल करें। मरीज को खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल नहीं जाना चाहिए। यदि मरीज होश में है, निगलने में सक्षम है और उसे एस्पिरिन से एलर्जी, सक्रिय रक्तस्राव या डॉक्टर द्वारा एस्पिरिन न लेने की स्पष्ट सलाह नहीं है, तो 150–325 mg एस्पिरिन चबाना मददगार साबित हो सकता है। सिर्फ गैस या एसिडिटी मानकर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर यदि सीने में असामान्य दर्द हो, पसीना आए या सांस फूल रही हो। अगर मरीज बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत CPR शुरू करें और उपलब्ध हो तो AED का इस्तेमाल करें।








