फैज खत्री…शिनोर
शिनोर तालुका के साधली गांव में ग्राम पंचायत लेवल पर एक बड़ा पॉलिटिकल बदलाव हुआ है। साधली ग्राम पंचायत की महिला सरपंच मनीषाबेन जयेशभाई पटेल को एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही के सात गंभीर आरोपों के आधार पर गुजरात पंचायत एक्ट-1993 के सेक्शन 57(1) के तहत सरपंच पद से हटा दिया गया है। इस फैसले से पूरे गांव के साथ-साथ तालुका के पॉलिटिकल गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।
इस मामले में डिटेल्ड जांच के बाद वडोदरा डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर ने एक ऑर्डर जारी किया। यह ऑर्डर तालुका डेवलपमेंट ऑफिसर ने लिखकर दिया, और मनीषाबेन पटेल को तुरंत सरपंच पद से हटा दिया गया है। एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, सरपंच के तौर पर अपनी ड्यूटी निभाते समय डेवलपमेंट के कामों में लापरवाही, नियमों की अनदेखी और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस में कमियों की शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर एक्शन लिया गया।
इस फैसले के बाद, साधली ग्राम पंचायत में उपचुनाव होने तक उपसरपंच संकेतभाई पटेल को एक्टिंग सरपंच की जिम्मेदारी दी गई है। वह पंचायत के रोज़ाना के एडमिनिस्ट्रेशन और डेवलपमेंट से जुड़े सभी काम संभालेंगे।
गौरतलब है कि ऑर्डर में मनीषाबेन पटेल को इस फैसले के खिलाफ 30 दिनों के अंदर अधिकारियों के सामने अपील करने का अधिकार दिया गया है। लोकल पॉलिटिक्स में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आने वाले दिनों में अपील करेंगी या नहीं।
इस पूरी घटना ने साधली गांव में पॉलिटिकल माहौल गरमा दिया है। गांववालों और पॉलिटिकल नेताओं के बीच इस एक्शन को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इस फैसले को एडमिनिस्ट्रेटिव पवित्रता की ओर एक कदम बता रहे हैं, तो कुछ तबके में यह भी चर्चा हो रही है कि इस एक्शन के पीछे पॉलिटिकल वजहें हैं।
फिलहाल, इस फैसले ने साधली ग्राम पंचायत की पॉलिटिक्स को सेंटर में ला दिया है और सबकी नज़रें आने वाले उपचुनावों पर हैं।









