अदानी पोर्ट्स मुंद्रा ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को दिया बढ़ावा: एक साथ 6,548 कारों के निर्यात के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड।

वात्सल्यम समाचार,

पूजा ठक्कर – मुंद्रा कच्छ।

अदानी पोर्ट्स मुंद्रा ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को दिया बढ़ावा: एक साथ 6,548 कारों के निर्यात के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

कच्छ की खाड़ी से विश्व बाज़ार तक, भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बड़ी छलांग: ‘मॉर्निंग पोस्ट’ जहाज़ द्वारा दक्षिण अमेरिका के विभिन्न देशों को भेजे गए वाहन

मुंद्रा, 10 मई 2026:

आज, अदानी पोर्ट्स मुंद्रा के नाम से भारत के निर्यात के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मुंद्रा पोर्ट के अत्याधुनिक रो-रो (Ro-Ro) टर्मिनल से ‘मॉर्निंग पोस्ट’ नामक एक विशाल ऑटोमोबाइल कैरियर जहाज़ में एक साथ 6,548 कारें लोड करके एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया गया है। इसके साथ ही, मुंद्रा पोर्ट देश का पहला और एकमात्र ऐसा पोर्ट बन गया है जिसने इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की लोडिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती औद्योगिक शक्ति और विश्व-स्तरीय लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का जीता-जागता प्रमाण है। इस जहाज़ द्वारा निर्यात की गई कारें मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों जैसे चिली, मेक्सिको, बोलीविया, कोलंबिया, ग्वाटेमाला और उरुग्वे में पहुंचाई जाएंगी। इस कदम ने वैश्विक ऑटोमोबाइल व्यापार में भारत की स्थिति को और मज़बूत किया है।

यह बताना ज़रूरी है कि अदानी पोर्ट्स मुंद्रा वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक पोर्ट है, जो सालाना 200 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कार्गो का प्रबंधन करता है। मुंद्रा पोर्ट कोयला, कच्चा तेल और कंटेनरों से लेकर स्टील और ऑटोमोबाइल तक विभिन्न क्षेत्रों में देश की आयात-निर्यात प्रणाली का ‘धड़कता दिल’ है। मुंद्रा पोर्ट ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में निर्मित वाहनों को दुनिया के कोने-कोने तक तेज़ी से और सुरक्षित रूप से पहुंचाने में एक अनिवार्य कड़ी साबित हुआ है।

कच्छ की खाड़ी में इसकी रणनीतिक स्थिति, प्राकृतिक रूप से गहरा ड्राफ्ट (deep draft), और मध्य पूर्व व यूरोप के शिपिंग मार्गों से इसकी निकटता ने मुंद्रा पोर्ट को वैश्विक व्यापार के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है। समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ मज़बूत कनेक्टिविटी उत्तरी भारत के औद्योगिक केंद्र को सीधे दुनिया से जोड़ती है, जिससे परिवहन का समय और लॉजिस्टिक्स लागत काफी कम हो जाती है।

अदानी पोर्ट्स के रो-रो टर्मिनल का आधुनिक बुनियादी ढांचा और स्वचालित यार्ड प्रबंधन इस सफलता के मुख्य स्तंभ हैं। यह रिकॉर्ड ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ को नई ऊर्जा प्रदान करता है और एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी निर्यात शक्ति के रूप में उभर रहा है। अडानी पोर्ट्स मुंद्रा, नवाचार और दक्षता के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर कार्यरत है।

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