यूरोप को भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 37% बढ़ा…!!!

फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में यूरोप को भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 37% बढ़कर $11.79 बिलियन हो गया। इसमें स्मार्टफोन का हिस्सा 60% से ज़्यादा था। इलेक्ट्रॉनिक्स के बाद इंजीनियरिंग सामान और पेट्रोलियम प्रोडक्ट दूसरी सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कमोडिटी थीं।
US की तरह, Apple को EU में ज़ीरो इंपोर्ट ड्यूटी मिलती है। भारत में असेंबल किए गए iPhone पहले ज़्यादातर नीदरलैंड भेजे जाते थे, जहाँ से उन्हें पूरे इलाके में बांटा जाता था। हालाँकि, यह स्थिति काफी बदल गई है। असल में, Apple ने अब अप्रैल और नवंबर 2025-26 (FY26) के बीच US को अपने शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा भारत से सोर्स करना शुरू कर दिया है। इससे EU को भारतीय एक्सपोर्ट के वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में गिरावट आई है।
नतीजतन, FY26 के अप्रैल और नवंबर के बीच US से iPhone एक्सपोर्ट तीन गुना बढ़कर $12.7 बिलियन हो गया। iPhone एक्सपोर्ट में गिरावट के बावजूद, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने EU को एक्सपोर्ट बढ़ाने के बड़े प्लान बनाए रखे हैं।

इंडियन सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के मुताबिक, यह एग्रीमेंट भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग-बेस्ड स्केल से ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड इंटीग्रेशन की ओर बदलाव के हिसाब से है। एसोसिएशन ने मोबाइल फोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी हार्डवेयर समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का टर्नओवर मौजूदा लेवल से 2030-31 (FY31) तक बढ़ाने का प्लान बनाया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत का टारगेट FY2031 तक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन की वैल्यू को $500 बिलियन तक बढ़ाना है।

Nikhil Bhatt
Business Editor
Investment Point

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