नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने अधिनियम (विशेष शक्तियां) सशस्त्र बल 1958 )1958 का 28) की धारा दिनांक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 323.03.2026 की अधिसूचना 1515 के तहत (अ) 5 जिलों के 13 पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर, संपूर्ण मणिपुर राज्य को दिनांक 01.04.2026 से छः माह की अवधि तक ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया था। मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की आगे और समीक्षा की गई है। प्रकाशित गजट में कहा गया है कि इस घोषणा को इससे पहले वापस न लिया जाए तब तक इन्हें ‘अशांत क्षेत्र’ के रूप में घोषित किया जाता है।
नागालैंड, अरुणाचल में भी कुछ जिले अशांत घोषित
शुक्रवार को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, केंद्र सरकार ने मणिपुर के साथ ही नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ खास इलाकों में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 (AFSPA) को 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
मणिपुर के इन पांच जिलों को छूट
- इम्फाल पश्चिम
- लैम्फेल, सिटी
- सिंगजामेई
- पैटसोई
- वांगोई
पुलिस स्टेशन
इम्फाल पूर्व के पोरोमपट, हेइंगांग और इरीलबांग पुलिस स्टेशन
थौबल जिले के थौबल पुलिस स्टेशन
बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर और नंबोल पुलिस स्टेशन
काकचिंग जिले के काकचिंग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके शामिल हैं।
नागालैंड में, AFSPA को नौ जिलों में बढ़ाया गया है
- दीमापुर
- न्यूलैंड
- चुमौकेदिमा
- मोन
- किफिरे
- नोकलाक
- फेक
- पेरेन
- मेलुरी
नोटिफिकेशन में नागालैंड के पांच अन्य जिलों
- कोहिमा
- मोकोकचुंग
- लोंगलेन्ग
- वोखा
- जुन्हेबोटो के 21 पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके भी शामिल हैं।
अरुणाचल प्रदेश में AFSPA को तीन जिलों में बढ़ाया गया है
- तिरप
- चांगलांग
- लोंगडिंग
इस आदेश में असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौकखम पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके भी शामिल हैं।
इससे पहले भी फैसला लिया गया था
केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना एस.0.1515 के माध्यम से 01.04.2026 से छह महीने की अवधि के लिए 5 जिलों के 13 (तेरह) पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर, पूरे मणिपुर राज्य को दिनांक 23.03.2026 से ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया था। इसके बाद, मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की एक और समीक्षा की गई और ये फैसला लिया गया।
अब, सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा 3 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, मणिपुर राज्य के पूरे इलाके को, 5 जिलों के नीचे दिए गए 13 (तेरह) पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों को छोड़कर 01.10.2026 से छह महीने की अवधि के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया जाता है, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए।
मणिपुर में फिर से भड़की थी हिंसा
हिंसा और संघर्ष से जूझ रहे इस राज्य में फिर से हिंसा भड़क उठी थी। शुक्रवार को कामजोंग ज़िले में संदिग्ध उग्रवादियों ने कथित तौर पर चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। म्यांमार सीमा के पास दूर-दराज़ के पिलोंग गांव में एक सुनसान जगह पर उनके शव मिले, जिन पर गोली के निशान थे। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस हत्या की निंदा करते हुए कहा कि “हमारे समाज में हिंसा की ऐसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
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