RTI वाले फैसले पर विजय सरकार ने लिया यूटर्न, अलायंस की साथी कांग्रेस के नेता ने ही कर दिया था विरोध; जानें पूरा मामला

तमिलनाडु की विजय सरकार ने आज (रविवार को) यूटर्न लेते हुए अपना एक नोटिफिकेशन वापस ले लिया, जिसके तहत ‘पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) डिपार्टमेंट’ को RTI एक्ट से बाहर रखा गया था। यह नोटिफिकेशन जारी होने के कुछ ही घंटों बाद ही विजय सरकार को वापस लेना पड़ा। दरअसल, इसका जो ऑरिजनल ऑर्डर है, उसमें पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) डिपार्टमेंट को ‘इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी ऑर्गनाइज़ेशन’ की कैटेगरी में रखा गया था। इसका मतलब था कि सांप्रदायिक घटनाओं, राजनीतिक आंदोलनों, पुलिस कस्टडी में हुई मौतों और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी RTI एप्लीकेशन के माध्यम से सार्वजनिक रूप से मिल सकती थी। हालांकि, जब विजय सरकार के इस नोटिफिकेशन का काफी विरोध हुआ, तो इसे तुरंत वापस ले लिया गया।

कार्ति चिदंबरम ने की विजय सरकार की आलोचना

जान लें कि कांग्रेस नेता कार्ति पी. चिदंबरम ने इस विजय सरकार के इस कदम की आलोचना की, जो उनकी पार्टी TVK के नेतृत्व वाले ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ का हिस्सा भी है। कार्ति ने कहा कि यह स्टेप “अच्छी मिसाल नहीं कायम करता।” साथ ही, ये भी याद दिलाया कि लोकतंत्र में जवाबदेही को मजबूत करने के लिए UPA सरकार RTI एक्ट लाई थी।

RTI का दायरा सीमित किए जाने पर जताई आपत्ति

कार्ति ने आगे लिखा, “कानून-व्यवस्था विभाग कई महत्वपूर्ण मामलों को देखता है, जैसे पुलिस फायरिंग, कस्टडी में मौत, टॉर्चर और रिमांड पर मौजूद कैदियों की मौत की जांच रिपोर्ट, सुरक्षा से जुड़े नजरबंदी के मामले, सांप्रदायिक और जातीय टकराव की रिपोर्ट, राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों को वापस लेने की अर्जी, मानहानि वाले लेखों, खबरों और भाषणों के लिए मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े मामले। इस अहम जानकारी को अब पब्लिक से छिपाया जा रहा है। ऐसे कदम पारदर्शी कामकाज के तरीके के खिलाफ हैं। RTI का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए, उसे सीमित नहीं किया जाना चाहिए।”

विजय सरकार के यूटर्न पर जताई खुशी

हालांकि, अब विजय सरकार के इस फैसले को तुरंत वापस लिए जाने का भी कार्ति पी. चिदंबरम ने स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “TVK सरकार और तमिलनाडु CM को मेरी बिना मांगी और दोस्ताना सलाह है कि नौकरशाहों को प्रशासन का तरीका, लहजा और दिशा तय न करने दें।”

बीजेपी ने भी विजय सरकार को घेरा

वहीं, इस मामले पर BJP नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी टीवीके सरकार के फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, “वे प्रेस से मिलने, लोगों से मिलने और कानूनी प्रक्रियाओं से डरते हैं। अगर आप निष्पक्ष हैं, तो RTI से क्यों डरते हैं?” उन्होंने इस तरीके को “अलोकतांत्रिक” बताया और इसकी “कड़ी निंदा” करने का आह्वान किया था। ​RTI एक्ट, 2005 संसद की तरफ से बनाया गया एक कानून था, जिसके जरिए भारत के नागरिकों को सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच मिलती है। इससे पहले, हाल ही में तमिलनाडु के CM विजय ने नवजात शिशुओं को 1 ग्राम की सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया था।

(इनपुट- ANI)

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Author: vatsalyanews

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