Adani, Vedanta से लेकर Jindal तक, 26 दिग्गज कंपनियों ने JAL को खरीदने में दिखाई रुचि; निवेशकों को मिली नई उम्मीदें

संकट से जूझ रही इंडस्ट्री ग्रुप जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की संपत्तियों को खरीदने के लिए 26 बड़ी कंपनियों और संस्थानों ने रुचि दिखाई है। इनमें अदाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता, जिंदल इंडिया पावर, कोटक अल्टरनेट असेट मैनेजर्स और पतंजलि आयुर्वेद जैसी…

संकट से जूझ रही इंडस्ट्री ग्रुप जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की संपत्तियों को खरीदने के लिए 26 बड़ी कंपनियों और संस्थानों ने रुचि दिखाई है। इनमें अदाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता, जिंदल इंडिया पावर, कोटक अल्टरनेट असेट मैनेजर्स और पतंजलि आयुर्वेद जैसी जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डालमिया सीमेंट, असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड, जेसी फ्लावर्स असेट रिकंस्ट्रक्शन, टोरेंट पावर, जिंदल पावर, ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, GRM बिजनेस और ओबेरॉय रियल्टी जैसी संस्थाएं भी इस दौड़ में शामिल हैं। यह जानकारी एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए सामने आई है।

JAL को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया है। यह फैसला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने 3 जून, 2024 को दिया था। कंपनी पर वित्तीय संकट का बोझ बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते उसकी संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इच्छुक कंपनियों को अपनी रुचि (EOI) जमा करने की आखिरी तारीख 25 मार्च, 2025 थी। अब इन 26 संभावित खरीदारों को JAL के लिए आवेदक के तौर पर देखा जा रहा है।

कंपनी पर भारी कर्ज का बोझ

JAL पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज है, जो इसके वित्तीय लेनदारों का दावा है। इस कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा नेशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) का है। NARCL एक सरकारी कंपनी है, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने अपना कर्ज ट्रांसफर किया है। इससे पहले अगस्त 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने JAL को 30 कंपनियों की सूची में शामिल किया था, जिन्हें एनसीएलटी में भेजने का निर्देश दिया गया था। यह RBI की दूसरी लिस्ट थी। इससे पहले जून 2017 में JAL की सहायक कंपनी जेपी इंफ्राटेक को 12 बड़ी कंपनियों की पहली लिस्ट में शामिल किया गया था, जिसे “डर्टी डजन” के नाम से जाना जाता है।

बता दें कि JAL एक बड़ा इंडस्ट्री ग्रुप है, जो इंजीनियरिंग, निर्माण, सीमेंट, बिजली, रियल एस्टेट और एक्सप्रेसवे व हाईवे जैसे क्षेत्रों में काम करता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब होती गई, जिसके चलते उसे दिवालियापन प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। अब इन 26 कंपनियों की रुचि से JAL को नया जीवन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह प्रक्रिया न केवल कंपनी के भविष्य को तय करेगी, बल्कि इसके कर्जदाताओं को भी राहत दिलाने में मदद कर सकती है।

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Author: vatsalyanews

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