‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की कहानी में विजय सालगांवकर और उसके परिवार की जिंदगी को बदल देने वाली घटना समीर देशमुख की मौत थी। साल 2015 में रिलीज हुई पहली फिल्म से शुरू हुआ यह मामला करीब 11 साल तक दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। अब ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ के साथ इस कहानी का अध्याय बंद हो चुका है। फिल्म में समीर का किरदार निभाने वाले ऋषभ चड्ढा भले ही पर्दे पर कम नजर आए हों, लेकिन उनका किरदार आज भी ‘दृश्यम’ की कहानी का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर समीर का किरदार निभाने वाले ऋषभ चड्ढा अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं?
‘दृश्यम’ ने ऋषभ चड्ढा को दिलाई पहचान
ऋषभ चड्ढा ने साल 2015 में आई ‘दृश्यम’ में समीर देशमुख यानी सैम का किरदार निभाकर खास पहचान बनाई। फिल्म में उन्होंने तब्बू और रजत कपूर के बेटे का रोल निभाया था। समीर गोवा के एक प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखता है और अपनी दबंग छवि के कारण कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आता है। फिल्म की कहानी में उसकी मौत के बाद विजय सालगांवकर और उसका परिवार खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए ऐसी कहानी तैयार करता है, जिसे पकड़ना पुलिस के लिए भी आसान नहीं होता। ‘दृश्यम’ दरअसल निर्देशक जीतू जोसेफ की मलयालम फिल्म का आधिकारिक हिंदी रीमेक थी। मूल फिल्म में मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि समीर के समान किरदार का नाम वरुण प्रभाकर था और इसे रोशन बशीर ने निभाया था। हिंदी संस्करण में ऋषभ चड्ढा ने इस किरदार को अपनी अलग पहचान दी।
2007 से एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं ऋषभ
ऋषभ चड्ढा का अभिनय सफर ‘दृश्यम’ से शुरू नहीं हुआ था। वह इससे काफी पहले मनोरंजन जगत में कदम रख चुके थे। मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े ऋषभ ने 2007 के आसपास अभिनय की शुरुआत की और इसके बाद फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन और वेब प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। बतौर बाल कलाकार और युवा कलाकार उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। ‘दृश्यम’ से पहले वह सोनम कपूर और फवाद खान की फिल्म ‘खूबसूरत’ में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘बेस्ट ऑफ लक निक्की’, ‘द सुइट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर’ और ‘आदत से मजबूर’ जैसे टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में काम किया। साल 2018 में वह फिल्म ‘लुप्त’ का भी हिस्सा रहे। इसके बाद उन्होंने डिजिटल माध्यम में भी कदम रखा और ‘डिवोर्स के लिए कुछ भी करेगा’ में लीड भूमिका निभाई।
‘सम’ का किरदार क्यों रहा खास?
‘दृश्यम’ में ऋषभ का किरदार छोटा होने के बावजूद पूरी कहानी की दिशा तय करता है। समीर एक अमीर और प्रभावशाली परिवार का बिगड़ैल बेटा है। कॉलेज ट्रिप के दौरान वह अंजू और अन्य लड़कियों के साथ गलत व्यवहार करता है। अंजू उसके व्यवहार को नजरअंदाज करती है, लेकिन समीर यहीं नहीं रुकता। कहानी में वह अंजू का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे धमकाने की कोशिश करता है। इसके बाद वह गोवा स्थित सालगांवकर परिवार के घर तक पहुंच जाता है। वहां भी उसका व्यवहार मर्यादा की सीमा पार कर जाता है। इसी दौरान अंजू के हाथों उसके सिर पर चोट लगती है और उसकी मौत हो जाती है। इसके बाद विजय सालगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए सबूतों और घटनाओं की ऐसी कड़ी तैयार करता है, जो पुलिस की जांच को दूसरी दिशा में ले जाती है। समीर की लाश तक पुलिस नहीं पहुंच पाती और यहीं से ‘दृश्यम’ का सबसे बड़ा रहस्य जन्म लेता है। आगे की कहानी में पुलिस बार-बार विजय के परिवार पर शिकंजा कसने की कोशिश करती है, लेकिन हर बार विजय अपनी बनाई कहानी के जरिए जांच को उलझा देता है।
अब एक्टिंग से दूर क्या कर रहे हैं ऋषभ?
पिछले कुछ समय से ऋषभ चड्ढा फिल्मों या टेलीविजन पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए हैं। बीते करीब दो वर्षों में उन्होंने कोई नया एक्टिंग प्रोजेक्ट साइन नहीं किया है और बॉलीवुड से दूरी बना ली है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि वह मनोरंजन की दुनिया से पूरी तरह दूर हो गए हैं। इन दिनों ऋषभ लाइव ऑडियंस के बीच अपनी कहानी कहने की कला और कविताओं के जरिए लोगों से जुड़ रहे हैं। वह ‘मॉडर्न मजनू’ नाम के अपने लाइव स्टोरीटेलिंग और पोएट्री शो के जरिए अलग अंदाज में दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इस तरह वह कैमरे से दूर रहते हुए भी परफॉर्मेंस की दुनिया से जुड़े हुए हैं। उनके शो अलग-अलग तारीखों पर आयोजित किए जाते हैं और दर्शक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इनके टिकट बुक कर सकते हैं।
‘दृश्यम’ के बाद बदली पहचान
ऋषभ चड्ढा ने भले ही कई फिल्मों, टीवी शो और वेब प्रोजेक्ट्स में काम किया हो, लेकिन पॉप कल्चर में उनकी सबसे मजबूत पहचान आज भी ‘सम’ के किरदार से जुड़ी है। ‘दृश्यम’ की कहानी में उनकी मौत भले ही शुरुआती घटनाओं में हुई, लेकिन इसके बाद की पूरी कहानी उसी घटना के इर्द-गिर्द घूमती रही। विजय सालगांवकर का हर फैसला, पुलिस की हर जांच और परिवार को बचाने की हर कोशिश समीर की मौत से जुड़ी रही।







