सधली के मोहम्मद अशरफ, धार्मिक भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल, साढ़े पांच साल की छोटी सी उम्र में रोज़ा रखते हुए

फैज खत्री…शिनोर
शिनोर तालुका के सधली गांव के सरदार नगर इलाके में रहने वाले हारून खत्री के बेटे मोहम्मद अशरफ ने सिर्फ साढ़े पांच साल की छोटी उम्र में अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखकर धार्मिक भावना की एक अनोखी मिसाल पेश की है। इतनी कम उम्र में रोज़ा रखना सच में तारीफ़ के काबिल और प्रेरणा देने वाला है।
इस्लाम में रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा रखा जाता है। रोज़ा खुद को शुद्ध करने, सब्र रखने, रेगुलर रहने और खुदा की इबादत का पैगाम देता है। मोहम्मद अशरफ ने छोटी सी उम्र में रोज़ा रखकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।
परिवार वालों और गांव वालों ने उन्हें बधाई दी और उनकी सेहत के लिए दुआ की। ऐसी धार्मिक भावना और रस्में समाज के लिए प्रेरणा देने वाली हैं।

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