अभिनेता राजू खेर ने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर को याद करते हुए बड़े भाई और अभिनेता अनुपम खेर के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई भावुक बातें साझा की हैं। राजू ने बताया कि जब वह आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे, उसी दौरान उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला था। साल 2004 में यूरिनरी ब्लैडर में कैंसर का पता चलने के बाद उनकी जिंदगी अचानक बदल गई। इस मुश्किल समय में बड़े भाई अनुपम खेर उनके लिए सबसे मजबूत सहारा बनकर खड़े रहे। राजू के मुताबिक अनुपम ने न सिर्फ उनका इलाज करवाया, बल्कि मेडिकल खर्च की पूरी जिम्मेदारी भी खुद उठाई।
विदेश में शूटिंग कर रहे थे अनुपम खेर
सिद्धार्थ कनन के सात बातचीत में राजू खेर ने बताया कि जिस वक्त उन्हें कैंसर के बारे में पता चला, उस समय अनुपम खेर एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में विदेश में थे। जैसे ही उन्हें अपने छोटे भाई की बीमारी की जानकारी मिली, वह शूटिंग छोड़कर तुरंत मुंबई लौट आए। राजू ने बताया कि उस समय वह खुद भी स्थिति को लेकर काफी परेशान थे और शुरुआत में इलाज को लेकर कुछ झिझक थी। हालांकि अनुपम ने उनकी किसी भी हिचकिचाहट को आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने राजू को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया और उनके इलाज से जुड़े सभी मेडिकल खर्च खुद उठाए। राजू के मुताबिक बीमारी के उस दौर में अनुपम ने जिस तरह उनका साथ दिया, वह उनके लिए जिंदगी भर याद रहने वाला अनुभव है।
17 घंटे चली कैंसर की सर्जरी
राजू खेर ने अपनी बीमारी और ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि उनके यूरिन ब्लैडर में ट्यूमर था। डॉक्टरों ने करीब 17 घंटे तक उनकी सर्जरी की। इस ऑपरेशन के दौरान उनका यूरिन ब्लेडर निकालना पड़ा और शरीर के दूसरे हिस्से की मदद से नया ब्लेडर तैयार किया गया। राजू ने अपनी सर्जरी के बारे में कहा, ‘यूरिन ब्लैडर में ट्यूमर था, 17 घंटे इसकी सर्जीरी की गई जिसमें यूरिन ब्लेडर निकाल दिया गया। उनके लार्ज इंटेस्टाइन को दोनों किडनी के साथ जोड़ा गया और उसी से नया यूरिन ब्लैडर तैयार किया गया। इस दौरान उसकी जांच के बाद बताया गया कि पांच लेवल होते हैं, मेरा कैंसर पहली स्टेज पर था, लेकिन तेजी से बढ़ रहा था। ब्लैडर की जगह इंटेस्टटाइन लगाने में 17 घंटे लगे, डॉक्टर ने मुझसे कहा कि आपके लिए गुड न्यूज है। उस समय कुछ समझ नहीं आ रहा था।’
बीमारी के साथ आर्थिक संकट से भी जूझ रहे थे
राजू खेर के लिए यह दौर इसलिए भी मुश्किल था क्योंकि कैंसर का पता चलने के साथ ही वह आर्थिक परेशानियों का सामना भी कर रहे थे। ऐसे समय में इलाज का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन अनुपम खेर ने बड़े भाई होने की जिम्मेदारी निभाते हुए उनके इलाज का पूरा खर्च उठाया। राजू ने अनुपम के इस व्यवहार को उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी बताया। उनके मुताबिक अनुपम उनके लिए सिर्फ बड़े भाई नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन पर वह किसी भी परिस्थिति में भरोसा कर सकते हैं। इसी बातचीत में राजू खेर ने एक ऐसा वक्या भी बताया जब अनुपम खेर ने उनकी मदद नहीं की थी और वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे।
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