उत्तराखंड के खटीमा में आज (रविवार को) तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। देशभर से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के विविध रंग प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री धामी भी कलाकारों के बीच पहुंचे, उनके साथ थिरके और स्वयं ढोल बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया।
जनजातीय समाज को शिक्षा से जोड़ रही धामी सरकार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदि रंगोत्सव जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव है। राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री धामी के साथ साझा प्रयासों की सराहना करते हुए खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के विस्तार एवं सुविधाओं के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने की सीएम धामी की तारीफ
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मुख्यमंत्री धामी ने जिस तरह कार्य किया, वह सराहनीय है। उन्होंने थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित जनजातीय समुदायों की संस्कृति को उत्तराखंड की समृद्ध पहचान बताया।
सीएम धामी ने की एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्रियों से पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया। राजस्थान, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, मिजोरम, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया।









