डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में ₹50 तक का अंतर, कुछ पंप डीलरों ने बिक्री पर लगाई सीमा, सरकार ने साफ किया रुख

डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में बड़े अंतर के कारण प्राइवेट पेट्रोल पंप पर बढ़ी मांग के बीच सरकार ने ईंधन की बिक्री पर किसी भी तरह की सीमा लगाने पर ऐतराज जताया है। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने गुरुवार को कहा कि किसी को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। मित्तल ने डीजल की बिक्री पर सीमा लगाए जाने की खबरों पर कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। 

जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित की डीजल की खरीद

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल का ये बयान ऐसे समय आया है जब जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने कुछ पेट्रोल पंप पर डीजल की खरीद सीमित कर दी है। खुदरा और थोक डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ने से कारखानों, दूरसंचार कंपनियों, होटल, अस्पताल और अन्य बड़े उपभोक्ता खुदरा पंप से अपेक्षाकृत सस्ता डीजल खरीदने लगे हैं। 

ईंधन की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं

नीरज मित्तल ने कहा, ”किसी को भी ईंधन की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। ये स्वीकार्य नहीं है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी प्राइवेट कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने के संबंध में पत्र और निर्देश दे चुकी है और सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में 50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा अंतर

डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में करीब 50 रुपये प्रति लीटर तक अंतर पहुंच गया है। इससे कुछ औद्योगिक उपभोक्ता खुदरा पंप से एक बार में 400-600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ पेट्रोल पंप के भंडार पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि उनकी भंडारण क्षमता सीमित होती है और दोबारा सप्लाई में कुछ दिनों का समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में जियो-बीपी ने कुछ पंप पर एक ग्राहक को रोजाना अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की सीमा लगाई है, जबकि नायरा एनर्जी के पंप पर ये सीमा 70 से 200 लीटर के बीच है। 

प्राइवेट तेल कंपनियों के संपर्क में मंत्रालय

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले में कहा कि मंत्रालय प्राइवेट तेल कंपनियों के संपर्क में है। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई से स्थिर हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसके उलट, औद्योगिक और अन्य थोक उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों से ज्यादा निकटता से जुड़ी होने के कारण तेजी से बढ़ी हैं। 

पर्याप्त ईंधन उपलब्ध

जियो-बीपी ने हाल में कहा था कि उसके सभी पेट्रोल पंप चालू हैं और वहां पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। उसने कहा था कि मौजूदा मांग को देखते हुए वो परिवहन और अन्य जरूरतों के लिए ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठा रही है। नायरा एनर्जी ने भी कहा है कि वो अपने 7000 से ज्यादा डीलर स्टेशन और अन्य माध्यमों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है। हालांकि, कंपनियों के जवाब में खरीद सीमा लगाए जाने के बारे में सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया।

PTI Inputs

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